ईडी और पुलिस के मोस्ट वांटेड ने जहाज पर मचाया आतंक

जहाज में छेद कर उसे डुबाने की कोशिश की।

Update: 2023-06-17 07:39 GMT
रांची: झारखंड में 1000 करोड़ रुपये के खनन घोटाले के आरोपी जिस दाहू यादव की तलाश में ईडी और झारखंड पुलिस जंगल से लेकर पहाड़ तक एक कर रही है, वह गंगा नदी में आतंक मचा रहा है। 15 जून की देर रात दाहू यादव और उसके गुर्गों ने साहेबगंज स्थित गंगा नदी में चल रहे मरीन एक्सवी मालवाहक जहाज पर पहुंचकर उत्पात मचाया और गैस कटर से जहाज में छेद कर उसे डुबाने की कोशिश की। जहाज संचालक बिहार के मुंगेर निवासी रवि उर्फ टुन्नी यादव ने इस घटना को लेकर साहिबगंज स्थित मुफस्सिल थाने में दाहू यादव सहित 15 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। एफआईआर में कहा गया है कि 15 जून की रात जब जहाज के सभी क्रू मेंबर ड्यूटी पर थे, दाहू यादव के नेतृत्व में दो नावों पर सवार 15 लोग जहाज पर आये और जान से मारने की धमकी देकर सभी को हथियार के बल पर बंधक बना दिया। फिर दाहू ने जहाज पर आतंक मचाना शुरू कर दिया। उसने अपने साथियों से कहा कि जहाज को गैस कटर से काटकर डुबा दो। उसके कहने से गुर्गों ने गैस कटर से जहाज में छेद भी कर दिया। हालांकि जहाज डूबने से बच गया। जहाज में मौजूद सुरक्षाकर्मी ने एफआईआर में कहा है कि दाहू यादव और उसके गुर्गे सुनियोजित तरीके से जहाज को डुबोना चाहते थे।
बता दें कि राजेश यादव उर्फ दाहू यादव नाम का बाहुबली झारखंड में ईडी और पुलिस के लिए पिछले 11 महीनों से बड़ी चुनौती बना हुआ है। उसकी तलाश में पहाड़ से लेकर जंगल तक की खाक छानी जा रही है। उसे पकड़ने के लिए दर्जनों बार छापामारी हो चुकी है। उसके काले कारनामों पर ईडी अदालत में चार्जशीट फाइल कर चुकी है। उसके घर की कुर्की हो चुकी है। उसके पिता गिरफ्तार कर जेले भेजे जा चुके हैं। लेकिन ईडी और पुलिस की तमाम कसरत के बावजूद वह पकड़ से दूर है।
साहिबगंज के शोभनपुर भट्ठा गांव का रहने वाला दाहू यादव झारखंड के साहिबगंज में एक हजार करोड़ की अवैध माइनिंग का सबसे बड़ा सरगना है। पुलिस-प्रशासन से लेकर सरकार तक में उसकी पहुंच इस कदर रही है कि वह अवैध तरीके से पानी जहाज का संचालन करता रहा। पिछले दिनों साहिबगंज के चार थानों की पुलिस ने उसकी तलाश में करमा पहाड़ और आसपास की पहाड़ियों पर सर्च ऑपरेशन चलाया, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। पुलिस को सूचना मिली थी कि उसने अपने भाई और बेटे के साथ इन्हीं पहाड़ियों पर ठिकाना बना रखा है।
पत्थर खनन घोटाले में ईडी ने दाहू यादव और अन्य के खिलाफ पहली बार 8 जुलाई 2022 को छापेमारी की थी। इस दौरान साहिबगंज, राजमहल, बड़हरवा, मिजार्चौकी और बरहेट में 18 ठिकानों पर दबिश दी गई। छापेमारी के दौरान 5.37 करोड़ कैश और बैंक खातों में जमा 11.88 करोड़ रुपये जब्त किए गए थे। ईडी ने 30 करोड़ रुपये की कीमत का मालवाहक पानी जहाज भी जब्त किया था, इसका संचालन मुख्य तौर पर दाहू यादव करता था। वह मालवाहक जहाज से अवैध तरीके से पत्थर व बालू को साहिबगंज से गंगा नदी के रास्ते बिहार और बंगाल भेजा करता था। दाहू यादव ईडी के समन आखिरी बार 18 जुलाई 2022 को रांची स्थित क्षेत्रीय कार्यालय में पेश हुआ था। अगले दिन मां की बीमारी का हवाला देकर उसने मोहलत मांगी। इसके बाद कई बार ईडी कोर्ट से समन जारी हुआ, लेकिन वह हाजिर नहीं हुआ। इधर ईडी ने जांच का दायरा बढ़ाया, तो उसके अवैध कारोबार के बड़े साम्राज्य का पता चला। उसने अकूत संपत्ति अवैध तरीके से अर्जित की है। ईडी के बार-बार के समन के बाद भी जब दोनों पूछताछ के लिए हाजिर नहीं हुए, तो ईडी ने बीते महीने दाहू यादव और उसके छोटे भाई जिला परिषद उपाध्यक्ष सुनील यादव के घर कुर्की जब्ती की। उसके पिता पशुपति नाथ यादव को अप्रैल में गिरफ्तार कर लिया गया था।
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