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जनता से रिश्ता वेबडेस्क। तेलंगाना (Telangana) के आईटी मंत्री केटी रामा राव (KT Rama Rao) ने रविवार को केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह (Jitendra Singh) से अपील की कि छात्रों को क्षेत्रीय भाषाओं (Regional Languages) में एग्जाम देने के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं (Competitive Exams) में बैठने की इजाजत दी जाए. राव ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाएं केवल अंग्रेजी और हिंदी में आयोजित की जाती हैं और यह उन छात्रों के लिए एक गंभीर परेशानी है, जो इंग्लिश मीडियम में नहीं पढ़ते हैं या हिंदी भाषी राज्यों से नहीं हैं. राव ने कहा कि मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव ने भी इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) को पत्र लिखा था.

केटी रामाराव ने कहा, "मैं इस बात से अवगत हूं कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने राष्ट्रीय भर्ती एजेंसी की स्थापना के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है, जिसने केंद्र सरकार की नौकरियों में भर्ती के लिए कई परीक्षाओं को बदलने और इन परीक्षाओं को 12 भारतीय भाषाओं में आयोजित करने के लिए एक सामान्य पात्रता परीक्षा (NRA-CET) की सुविधा देने का निर्णय लिया है. मैं इस कदम की तहे दिल से सराहना और स्वागत करता हूं."
'बड़े अवसरों को खोने पर मजबूर उम्मीदवार'
उन्होंने आगे कहा, "हालांकि, यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि इन बदलावों को ठीक तरह से लागू नहीं किया जा रहा है. उदाहरण के लिए, हाल ही में सामने आए एक नौकरी अधिसूचना में- केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF), एनआईए, एसएसएफ और असम राइफल्स में कांस्टेबल (जीडी) परीक्षा 2021 के उम्मीदवारों को केवल हिंदी या अंग्रेजी में परीक्षा लिखने की इजाजत दी गई है." राव ने कहा कि हाल के दिनों में कुछ अन्य जॉब नोटिफिकेशन के साथ भी ऐसा ही देखा गया है. उन्होंने इसे क्षेत्रीय भाषाओं से संबंधित उम्मीदवारों के लिए एक 'रूड शॉक' बताया, जो 'बड़े अवसरों को खोने पर मजबूर' हैं.
राव ने जितेंद्र सिंह से की अपील
रामा राव ने जितेंद्र सिंह से कहा, "मैं आपसे विनम्रतापूर्वक अनुरोध करता हूं कि आप इस मुद्दे पर गौर करें और यूपीएससी, आरआरबी, पीएसबी, आरबीआई, एसएससी आदि के माध्यम से आयोजित भारत सरकार, इसके विभागों और उपक्रमों की सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में बैठने वाले उम्मीदवारों को क्षेत्रीय भाषाओं में भी लिखने की इजाजत दें." राव ने आगे सिंह से अनुरोध किया कि वे पहले से घोषित अधिसूचनाओं के लिए भर्ती प्रक्रिया को रोक दें और इस मुद्दे पर उचित कार्यान्वयन नीति तय होने तक नई नौकरी अधिसूचना जारी करने से बचें


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