Tihra. टीहरा। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता व सैनिक कल्याण मंत्री कर्नल धनीराम शांडिल मंडी जिला के एक दिवसीय प्रवास पर आ रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्री 26 जुलाई को टीहरा में युद्ध स्मारक का लोकार्पण करेंगे। इसके अलावा वह टिहरा में आयोजित राज्य स्तरीय कारगिल विजय दिवस समारोह की अध्यक्षता करेंगे। कारगिल की बर्फीली चोटियों पर 52 हिमाचलियों की बहादुरी की अमर ज्योति आज भी प्रज्वलित हो रही है। रणबांकुरों ने अपने लहु से शहादत की ऐसी मशाल जलाई है, जो देश की सरहदों को सुरक्षित बनाने के लिए आज भी दूसरे जवानों को अपना सबकुछ न्योछावर करने के लिए प्रेरित करती है। यह स्मारक उन वीर सपूतों की याद में बनाया गया है, जिन्होंने युद्ध में देश की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।
कारगिल युद्ध में कुल 527 भारतीय जवान शहीद हुए। इनमें हिमाचल प्रदेश के 52 बहादुर सपूत शामिल हैं। कांगड़ा जिला ने सबसे बड़ा बलिदान कारगिल की चोटियों पर पतहे पाने के लिए दिया है। इस में कांगडा के 15 सपूत शहीद हुए हैं। मंडी जिल के 12 जवान कारगिल की चोटियों पर अपना सबकुछ न्योछावर कर इस दुनिया को अलविदा कह गए हैं। कांगड़ा के शहीद इन 15 जवानों में से कैप्टन विक्रम बत्रा और कैप्टन सौरभ कालिया ने भी इसी युद्ध में शहादत का जाम पिया है़। मंडी के 12 शहीदों में कैप्टन दीपक गुलेरिया, नायब सूबेदार खेम चंद राणा, हवलदार कृष्ण चंद ने शहादत का जाम पिया है। हमीरपुर के आठ, बिलासपुर के सात और शिमला के चार जवान भी शहीद हुए हैं। इसके साथ ऊना, सोलन, सिरमौर के सपूतों ने भी शहादत का जाम पिया है।