Shimla. शिमला। हाटी समुदाय के लाखों युवाओं, विद्यार्थियों और बेरोजगारों को अनुसूचित जनजाति (एसटी) का लाभ दिलाने और गिरिपार क्षेत्र के लिए विशेष विकास पैकेज की मांग को लेकर हाटी विकास मंच के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय मंत्री एवं पूर्व भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि हाटी समुदाय को एसटी दर्जा मिलने के बावजूद मामला वर्तमान में हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय में विचाराधीन है। अंतरिम स्थगन आदेश के चलते समुदाय के लाखों युवा, विद्यार्थी और पात्र वर्ग आरक्षण तथा अन्य संवैधानिक लाभों से वंचित हैं। मंच ने केंद्र सरकार से समुदाय के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रभावी कानूनी और प्रशासनिक पैरवी सुनिश्चित करने का आग्रह किया। हाटी विकास मंच ने गिरिपार क्षेत्र के लिए पृथक जनजातीय उपयोजना (ट्राइबल सब-प्लान) के तहत विशेष विकास पैकेज की मांग करते हुए शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और सिंचाई सुविधाओं को मजबूत बनाने पर जोर दिया।
इसके साथ ही युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने, महिलाओं और विद्यार्थियों के लिए विशेष छात्रवृत्ति तथा कौशल विकास कार्यक्रम शुरू करने की मांग भी रखी गई। प्रतिनिधिमंडल ने क्षेत्र की सबसे महत्वपूर्ण मांगों में शामिल सोलन-राजगढ़-नौहराधार-हरिपुरधार-रोनहाट-मीनस सडक़ मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने अथवा प्रधानमंत्री गति शक्ति योजना में शामिल करने का आग्रह किया। उनका कहना था कि इससे गिरिपार क्षेत्र की वर्षों पुरानी संपर्क और यातायात संबंधी समस्याओं का समाधान होगा तथा क्षेत्र के आर्थिक और पर्यटन विकास को नई गति मिलेगी। इस अवसर पर जेपी नड्डा ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि केंद्र सरकार हाटी समुदाय के संवैधानिक अधिकारों और न्यायोचित मांगों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है। उन्होंने कहा कि समुदाय के हितों की रक्षा और गिरिपार क्षेत्र के विकास के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।