Shimla. शिमला। हिमाचल में वर्ष 2016 से पहले बने होटल और रेस्टोरेंट समेत अन्य कमर्शियल भवनों को अब फायर सेफ्टी अनापत्ति प्रमाण पत्र आसानी से मिल जाएगा। इसके लिए नेशनल बिल्डिंग कोड की शर्तों को अब लागू नहीं किया जाएगा। यह फैसला राज्य मंत्रिमंडल ने लिया है। इसके बाद अब टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग रूल्स में बदलाव की प्रक्रिया शुरू कर रहा है। इसके लिए एक ड्राफ्ट जारी कर लोगों को आपत्ति एवं सुझावों के लिए 30 दिन का वक्त दिया जाएगा। इसके बाद हिमाचल प्रदेश टाउन एंड कंट्री प्लानिंग रूल्स 2014 में संशोधन हो जाएगा। राज्य सरकार ने फायर सेफ्टी के लिए नेशनल बिल्डिंग कोड की औपचारिकताओं को वर्ष 2016 में लागू किया है। यह एक साथ सभी होटलों पर लागू हो गया था, चाहे जो पहले भी बने थे उन पर भी। इस कोड के मुताबिक फायर सेफ्टी एनओसी लेने के लिए कई तरह के नए प्रावधान हैं। इनमें वैकल्पिक स्टेयर्स से लेकर इवेक्युएशन का प्रावधान होना चाहिए। वॉटर टैंक, फायर हाइड्रेंट के साथ-साथ स्प्रिंकलर का प्रावधान भी जरूरी था।
इसमें कमर्शियल भवन के साइज, हाइट या एरिया के हिसाब से नई शर्तें जुड़ती जाती थी। इसलिए एनओसी नहीं मिल रहे थे। वर्ष 2016 तक बन चुके होटल और रेस्टोरेंट की मालिकों ने राज्य सरकार को रिप्रेजेंट किया। इनका कहना था कि पहले बन चुके भवनों पर नई शर्तें लगाना ठीक नहीं होगा अन्यथा ये होटल चल ही नहीं पाएंगे। इस बात को देखते हुए कैबिनेट ने 2016 तक बने भवनों को छूट दे दी है। इन पर सिर्फ इतनी शर्त लगी है कि इन्हें फायर अलार्म और फायर एक्सटिंग्विशर लगाकर भी अनापत्ति प्रमाण पत्र मिल जाएगा। इस तरह इन होटल और रेस्टोरेंट को बड़ी राहत मिल गई है। कैबिनेट फैसले की फाइल वापस टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग को मिल गई है और अब लोगों से मांगे जाने वाली आपत्तियों के लिए ड्राफ्ट जारी हो रहा है।