दामाद के सपा में जाते ही बिगड़े मसूद परिवार के रिश्ते, बेटी के दर्द पर भावुक हुए इमरान
लखनऊ: सहारनपुर के मसूद परिवार में सियासी मतभेद अब पारिवारिक विवाद में बदलता दिखाई दे रहा है। इमरान मसूद के दामाद शायान मसूद के समाजवादी पार्टी में जाने के बाद दोनों के बीच राजनीतिक दूरी बढ़ी। इसके बाद परिवार के दूसरे सदस्य हमजा मसूद ने शायान और उनके पिता शादान पर आरोप लगाए। शायान ने जवाब दिया, जबकि अब इमरान मसूद अपनी बेटी का जिक्र करते हुए भावुक नजर आए हैं।
सपा में शामिल होने के बाद शुरू हुआ विवाद
मसूद परिवार में ताजा विवाद की शुरुआत 20 अगस्त को हुई, जब इमरान मसूद के दामाद शायान मसूद ने कांग्रेस छोड़कर समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया। अखिलेश यादव ने उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई।
सपा में आने के बाद शायान ने इमरान मसूद की राजनीतिक सोच से असहमति जताई। उनका कहना था कि बीजेपी को हराने के लिए अखिलेश यादव के साथ खड़ा होना जरूरी है। यहीं से ससुर और दामाद के बीच राजनीतिक मतभेद खुलकर सामने आने लगे। मामला तब और गंभीर हो गया, जब इमरान मसूद के भतीजे हमजा मसूद ने सोशल मीडिया पर लाइव आकर शायान और उनके पिता शादान मसूद के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए।
हमजा ने लगाए परिवार से जुड़े गंभीर आरोप
हमजा मसूद ने आरोप लगाया कि उनकी बहन के साथ मारपीट और गाली-गलौज की गई तथा उसे बच्चे के साथ घर से बाहर कर दिया गया। उनका दावा था कि परिवार ने रिश्तों और सम्मान को ध्यान में रखते हुए करीब पांच साल तक कई बातों को सहन किया, लेकिन अब परिस्थितियां ऐसी हो गई हैं कि चुप रहना संभव नहीं है। इन आरोपों के बाद विवाद पूरी तरह राजनीतिक दायरे से निकलकर पारिवारिक मामलों तक पहुंच गया।
हालांकि, हमजा के आरोपों के बाद शायान मसूद ने भी अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि यदि राजनीतिक विरोध है तो उसका जवाब राजनीतिक मैदान में दिया जाना चाहिए। परिवार के निजी मामलों को सार्वजनिक करना उचित नहीं है।
शायान ने यह भी कहा कि उनके पास भी कई बातें कहने के लिए हैं, लेकिन वह परिवार की अंदरूनी बातें लोगों के सामने नहीं रखना चाहते। उनका कहना था कि परिवार के लोग साथ बैठकर बात करें तो वह लगाए गए आरोपों पर जवाब देने के लिए तैयार हैं।
बेटी की बात करते हुए भावुक हुए इमरान
विवाद के बीच इमरान मसूद का एक बयान खास चर्चा में आ गया। एक मीडिया इंटरव्यू के दौरान उन्होंने अपनी बेटी का जिक्र किया और भावुक हो गए।
इमरान ने कहा कि जिस पिता के सामने उसकी बेटी हो और वह उसकी तकलीफ देख रहा हो, वही उस दर्द को समझ सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि समाजवादी पार्टी में शामिल होना अपने आप में कोई गलत बात नहीं है, लेकिन उनकी बेटी को छोड़ देना गलत है।
इमरान का यह बयान उस समय सामने आया है, जब उनके दामाद शायान राजनीतिक तौर पर उनसे अलग रास्ते पर खड़े हैं। इसलिए इस बयान में राजनीतिक विरोध के साथ बेटी को लेकर एक पिता की चिंता भी दिखाई दी।
2022 का दौर भी इमरान ने किया याद
इमरान मसूद ने इस विवाद के बीच साल 2022 के घटनाक्रम का भी जिक्र किया। उन्होंने संकेत दिया कि उस समय परिवार की तरफ से उन पर दबाव था और उन्हें परिवार तथा बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए राजनीतिक फैसले लेने पड़े थे।
वहीं हमजा मसूद ने दावा किया कि उन्हें इमरान मसूद के घर से बाहर कर दिया गया था और लगभग तीन साल तक दोनों के बीच दूरी बनी रही। इससे पता चलता है कि परिवार के भीतर मतभेद केवल हालिया सियासी घटनाओं से नहीं जुड़े हैं।
मसूद परिवार का पुराना राजनीतिक विवाद
मसूद परिवार में राजनीतिक खींचतान पहले भी सामने आ चुकी है। 2014 में शादान मसूद ने इमरान मसूद के खिलाफ समाजवादी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ा था। उस समय दोनों परिवारों के बीच काफी समय तक तनाव रहा और बातचीत तक बंद होने की बात सामने आई थी। बाद में रिश्तों में सुधार हुआ। इसी दौरान इमरान मसूद की बेटी की शादी शादान मसूद के बेटे शायान मसूद से हुई। करीब पांच साल पहले हुई इस शादी के बाद दोनों परिवार फिर एक-दूसरे के करीब आए थे।
मसूद परिवार की राजनीतिक पृष्ठभूमि भी काफी पुरानी है। राशिद मसूद और रशीद मसूद सगे भाई थे। राशिद मसूद बड़े भाई थे, जबकि रशीद मसूद छोटे। रशीद मसूद नौ बार लोकसभा सांसद रहे और केंद्र सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं। परिवार के करीबी लोगों के मुताबिक, राशिद मसूद ने रशीद मसूद को राजनीति में आगे बढ़ाने में मदद की थी। इमरान मसूद और नोमान मसूद, राशिद मसूद के जुड़वा बेटे हैं। नोमान के बेटे हमजा मसूद हैं। वहीं रशीद मसूद के बेटे शादान मसूद हैं और शादान के बेटे शायान मसूद हैं।
यानी मौजूदा विवाद में आमने-सामने खड़े लोग केवल राजनीतिक रूप से ही नहीं, बल्कि एक-दूसरे से गहरे पारिवारिक रिश्तों में भी जुड़े हैं। शायान इमरान मसूद के दामाद हैं, जबकि हमजा उनके भतीजे हैं। ऐसे में सपा में शायान की एंट्री के बाद शुरू हुआ राजनीतिक मतभेद अब परिवार के पुराने तनाव और निजी रिश्तों तक पहुंच चुका है।