Delhi दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के हालिया बयान पर भारतीय जनता पार्टी की तरफ से तीखी प्रतिक्रिया आई है। भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने राहुल गांधी पर पलटवार करते हुए कहा कि वे इतिहास भूल गए हैं। शर्मा ने कहा, “राहुल गांधी भूल गए कि उनके पिता और दादी के समय भी SIR हुआ था। यानी अगर वो इसे गलत कह रहे हैं, तो उस समय उन्होंने खुद बेईमानी कराई होगी। उन्होंने आगे कहा कि राहुल गांधी का यह बयान जनता को गुमराह करने वाला है। “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समय सरकार की सबसे बड़ी विशेषता पारदर्शिता और निष्पक्षता है। आज जो भी प्रक्रिया चल रही है, वह पूरी तरह नियमों और ईमानदारी के तहत हो रही है,” शर्मा ने कहा।
दिनेश शर्मा ने कहा कि कांग्रेस के नेताओं की आदत बन गई है हर सरकारी कदम को राजनीति से जोड़ने की। “राहुल गांधी को जनता के सामने बताना चाहिए कि उनके परिवार के शासनकाल में कितनी बार SIR (Special Investigation Review) या अन्य जांच प्रक्रिया हुई और उसमें कितनी पारदर्शिता थी। आज मोदी सरकार हर फैसले में जनहित और ईमानदारी को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। भाजपा सांसद ने कहा कि राहुल गांधी अपने हर बयान से खुद अपनी ही पार्टी की नीतियों पर सवाल खड़े कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “वो जो भी बोलते हैं, उससे कांग्रेस का अतीत और वर्तमान दोनों ही उजागर हो जाते हैं। जनता अब कांग्रेस की बातों पर भरोसा नहीं करती, क्योंकि देश ने देखा है कि मोदी सरकार ने पिछले दस वर्षों में कैसे प्रशासनिक ईमानदारी का उदाहरण पेश किया है।”
दिनेश शर्मा ने यह भी कहा कि राहुल गांधी को अब जनता की भावनाओं से खिलवाड़ बंद कर देना चाहिए। “देश की जनता अब विकास, सुरक्षा और पारदर्शी शासन चाहती है, न कि पुराने परिवारवाद और भ्रम फैलाने वाली राजनीति। राहुल गांधी का हर बयान अब निराशा का प्रतीक बन गया है। इस बयान के बाद भाजपा के अन्य नेताओं ने भी राहुल गांधी की आलोचना की और कहा कि कांग्रेस नेता देश के प्रशासनिक तंत्र पर बेबुनियाद आरोप लगाकर अपनी राजनीतिक जमीन तलाश रहे हैं। वहीं, राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि राहुल गांधी और भाजपा नेताओं के बीच यह बयानबाज़ी आगामी चुनावों के माहौल को और अधिक गरमा सकती है। भाजपा अपने पारदर्शी शासन और विकास कार्यों को प्रमुख मुद्दे के रूप में सामने रख रही है, जबकि कांग्रेस भाजपा पर लोकतांत्रिक संस्थाओं के दुरुपयोग का आरोप लगा रही है।