Delhi दिल्ली। कांग्रेस की बैठक में वंदे मातरम को लेकर पारित प्रस्ताव पर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पार्टी ने देश और संविधान से ऊपर अपने राजनीतिक हितों को रखा है। दिल्ली में मीडिया से बातचीत करते हुए सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि कांग्रेस की बैठक में वंदे मातरम को लेकर पारित किया गया प्रस्ताव बेहद निंदनीय है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने इस फैसले के जरिए यह साबित कर दिया है कि उसके लिए पार्टी का निर्णय देश के हितों से ऊपर है।
भाजपा सांसद ने कहा कि वंदे मातरम देश की भावना और राष्ट्रीय गौरव से जुड़ा विषय है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने संविधान और देश की भावना के बजाय अपने राजनीतिक प्रस्ताव को प्राथमिकता दी है। सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि कांग्रेस ने अपने इस कदम से उन चर्चाओं पर भी विराम लगा दिया है, जिनमें उसके राजनीतिक रुख को लेकर सवाल उठाए जा रहे थे। उन्होंने कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए कहा कि पार्टी का वर्तमान रुख उसकी पुरानी सोच को दर्शाता है।
उन्होंने 1937 में वंदे मातरम को लेकर हुए विवाद का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय मुस्लिम लीग की ओर से जो आपत्तियां उठाई गई थीं, आज कांग्रेस उसी तरह का रुख अपना रही है। भाजपा सांसद ने आरोप लगाया कि संसद से पारित कानून और देश की भावनाओं के बावजूद कांग्रेस अपने राजनीतिक एजेंडे को आगे बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय प्रतीकों का सम्मान हर राजनीतिक दल की जिम्मेदारी होनी चाहिए। देश की एकता और अखंडता से जुड़े विषयों पर राजनीति नहीं होनी चाहिए।
वहीं, कांग्रेस की ओर से वंदे मातरम को लेकर अपने रुख और प्रस्ताव पर अभी विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इस मुद्दे को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। वंदे मातरम लंबे समय से भारतीय राजनीति में भावनात्मक और राष्ट्रीय महत्व का विषय रहा है। इसे लेकर समय-समय पर अलग-अलग राजनीतिक दलों के बीच मतभेद सामने आते रहे हैं। भाजपा ने कांग्रेस के इस कदम को राष्ट्रवाद से जोड़ते हुए हमला बोला है, जबकि कांग्रेस का पक्ष सामने आने के बाद ही पूरे विवाद की तस्वीर और स्पष्ट होगी।
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