ग्वालियर पहुंचने से पहले पकड़ा गया ट्रक, 214 किलो गांजा के साथ दो गिरफ्तार
झांसी। ओडिशा के भुवनेश्वर से कथित तौर पर अवैध गांजा लेकर ग्वालियर जा रहे एक ट्रक को झांसी के बबीना इलाके में पुलिस और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने रोक लिया। ट्रक से 214 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब एक करोड़ रुपये बताई गई है। टीम ने ट्रक चालक समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया है। दोनों से गांजे की आपूर्ति करने और खेप प्राप्त करने वालों के बारे में पूछताछ की जा रही है।
पुलिस के अनुसार, संदिग्ध ट्रक भुवनेश्वर से करीब 1,227 किलोमीटर का सफर तय कर चुका था। दावा है कि आरोपित अलग-अलग राज्यों से गुजरते हुए जांच चौकियों और टोल प्लाजा से बचने का प्रयास करते रहे। ट्रक को ग्वालियर पहुंचना था और वह अपने कथित गंतव्य से लगभग 100 किलोमीटर दूर था, तभी संयुक्त टीम ने उसे बबीना के पास रोक लिया।
झांसी के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विकास कुमार ने बताया कि बबीना थाना पुलिस और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स की संयुक्त टीम सुकुवा-धुकुवा रोड पर नयाखेड़ा स्थित एक फार्महाउस के पास हाईवे पर वाहनों की सघन जांच कर रही थी। इसी दौरान टीम को वहां से गुजर रहे एक ट्रक की गतिविधियां संदिग्ध लगीं। पुलिसकर्मियों ने वाहन को रोककर चालक और उसमें मौजूद दूसरे व्यक्ति से पूछताछ की।
प्रारंभिक पूछताछ के दौरान संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर ट्रक की तलाशी ली गई। जांच के दौरान वाहन के भीतर बड़ी मात्रा में गांजा मिला। बरामद मादक पदार्थ का वजन कराने पर उसकी कुल मात्रा 214 किलोग्राम निकली। पुलिस ने गांजा और ट्रक को कब्जे में लेते हुए दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया।
बरामद गांजे की कीमत करीब एक करोड़ रुपये आंकी गई है। प्रकाशित रिपोर्ट में पुलिस के हवाले से इसका अनुमानित मूल्य लगभग 1.07 करोड़ रुपये बताया गया है। पुलिस का दावा है कि गांजे की खेप भुवनेश्वर से ग्वालियर पहुंचाई जा रही थी।
संयुक्त टीम अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि गांजे को भुवनेश्वर में किस स्थान से ट्रक में रखा गया था। इसके अलावा खेप ग्वालियर में किस व्यक्ति को सौंपी जानी थी और इसके बदले चालक व उसके साथी को कितनी रकम मिलने वाली थी, इन सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं।
पुलिस आरोपितों के मोबाइल फोन, कॉल विवरण और डिजिटल लेन-देन से संबंधित जानकारी की पड़ताल कर सकती है। वाहन के यात्रा मार्ग, टोल रिकॉर्ड, ईंधन भरवाने के स्थान और रास्ते में रुकने वाले ठिकानों का विवरण भी पूरे नेटवर्क तक पहुंचने में महत्वपूर्ण हो सकता है। इससे यह पता लगाया जा सकेगा कि रास्ते में आरोपितों की किसी अन्य व्यक्ति से मुलाकात हुई थी या नहीं।
ट्रक ने करीब 1,227 किलोमीटर की दूरी तय की और कई राज्यों की सीमाओं से गुजरते हुए बबीना तक पहुंच गया। पुलिस के मुताबिक आरोपितों ने मुख्य जांच स्थलों और टोल प्लाजा से बचने के लिए वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल किया। हालांकि ट्रक ने वास्तविक रूप से किन-किन मार्गों से यात्रा की और किन स्थानों पर जांच से बचने का प्रयास किया, इसकी विस्तृत पुष्टि की जा रही है।
गांजे की इतनी बड़ी खेप पकड़े जाने के बाद इसके पीछे अंतरराज्यीय नेटवर्क की भूमिका की आशंका जताई जा रही है। केवल चालक और उसके साथी की गिरफ्तारी से मादक पदार्थ की पूरी आपूर्ति शृंखला सामने नहीं आती। पुलिस के सामने गांजा उपलब्ध कराने वाले, परिवहन की व्यवस्था करने वाले और अंतिम खरीदार तक पहुंचने की चुनौती होगी।
मादक पदार्थों की तस्करी में मालवाहक वाहनों का इस्तेमाल नया नहीं है। लंबी दूरी तय करने वाले ट्रकों में वैध सामान के साथ अवैध सामग्री छिपाकर ले जाने के मामले सामने आते रहे हैं। बड़े ट्रक अनेक राज्यों से होकर गुजरते हैं और सामान्य मालवाहक वाहन की तरह दिखाई देते हैं। इसी का फायदा उठाकर तस्कर कथित रूप से पुलिस और जांच एजेंसियों को चकमा देने का प्रयास करते हैं।
इस मामले में ट्रक ग्वालियर से लगभग 100 किलोमीटर पहले ही पकड़ लिया गया। पुलिस का मानना है कि यदि वाहन जांच से निकल जाता तो यह बड़ी खेप अपने निर्धारित ठिकाने तक पहुंच सकती थी। वहां से गांजे को छोटी-छोटी मात्रा में अलग-अलग क्षेत्रों में भेजे जाने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि इसके संबंध में आधिकारिक निष्कर्ष आगे की पूछताछ और साक्ष्यों के बाद सामने आएगा।
पुलिस ट्रक के पंजीकरण और स्वामित्व संबंधी रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है। यह पता लगाया जाएगा कि वाहन किस व्यक्ति के नाम पर पंजीकृत है और मालिक को उसमें गांजा ले जाए जाने की जानकारी थी या नहीं। यदि वाहन किसी परिवहन कंपनी से जुड़ा मिलता है तो बुकिंग और माल से संबंधित दस्तावेज भी जांच के दायरे में आ सकते हैं।
जब्त पदार्थ के नमूने लेकर निर्धारित प्रक्रिया के तहत परीक्षण के लिए भेजे जा सकते हैं। साथ ही वजन, पैकिंग और बरामदगी से संबंधित रिकॉर्ड तैयार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। आरोपितों के खिलाफ लागू कानूनों के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी प्रक्रिया की जा रही है।
फिलहाल दोनों गिरफ्तार व्यक्तियों से पूछताछ जारी है। पुलिस को उम्मीद है कि उनके जरिए गांजे की आपूर्ति करने वाले और ग्वालियर में खेप लेने वाले लोगों तक पहुंचा जा सकेगा। आरोपितों पर लगाए गए तस्करी के आरोपों की अंतिम सत्यता साक्ष्यों और न्यायिक प्रक्रिया के बाद निर्धारित होगी।