BBN. बीबीएन। देश के प्रमुख दवा निर्माण केंद्र हिमाचल प्रदेश के 34 दवा निर्माण इकाइयों में निर्मित 46 दवा एवं कॉस्मेटिक उत्पाद गुणवत्ता जांच में निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतरे हैं। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन के जून माह के ड्रग अलर्ट में गुणवत्ता जांच में प्रदेश के 34 दवा उद्योगों में निर्मित इन 46 उत्पादों को नॉट ऑफ स्टैंडर्ड क्वालिटी सूची में शामिल किया गया है। इनमें सबसे अधिक 30 उत्पाद बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ (बीबीएन) औद्योगिक क्षेत्र में निर्मित हैं। सबसे गंभीर मामला कालाअंब का सामने आया है, जहां निर्मित एडेनोसिन इंजेक्शन के एक बैच को औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 की धारा 17.बी के तहत स्प्यूरियस (नकली) माना गया है।
सीडीएससीओ द्वारा जून 2026 के ड्रग अलर्ट में देशभर के कुल 159 दवा एवं कॉस्मेटिक नमूने गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे। इनमें 132 नमूने राज्य औषधि परीक्षण प्रयोगशालाओं तथा 27 नमूने केंद्रीय प्रयोगशालाओं में जांच के दौरान फेल पाए गए। हिमाचल की सूची में बद्दी, बरोटीवाला, नालागढ़, झाड़माजरी, भुड,, दवनी, गुल्लरवाला, कालाअंब, पांवटा साहिब, परवाणू, सोलन और कांगड़ा स्थित दवा निर्माण इकाइयों के उत्पाद शामिल हैं। जांच में एंटीबायोटिक, हृदय रोग, दर्द एवं बुखार, बच्चों के सिरप, खांसी की दवाएं, पेट संबंधी दवाएं, आंखों की दवाए इंजेक्शन और विटामिन उत्पादों तक के नमूने फेल हुए हैं।