पूर्व मंत्री का होगा पर्दाफाश, ऑडिट रिपोर्ट पेश करेगी सरकार

Update: 2026-07-27 08:53 GMT

चेन्नई। तमिलनाडु की सियासत में एक बार फिर भ्रष्टाचार का मुद्दा गरमा गया है। तमिलनाडु सरकार ने पिछली डीएमके सरकार के कार्यकाल के दौरान पार्टी फंड के नाम पर कथित रूप से हुई गड़बड़ियों की जांच को लेकर बड़ा कदम उठाने का ऐलान किया है। राज्य के वित्त मंत्री एन. मैरी विल्सन ने कहा है कि आगामी बजट सत्र में इस मामले से जुड़ी ऑडिट रिपोर्ट विधानसभा में पेश की जाएगी। सरकार का दावा है कि इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद पिछली सरकार के दौरान हुए कथित भ्रष्टाचार की पूरी तस्वीर सामने आएगी।

वित्त मंत्री एन. मैरी विल्सन ने रविवार को चेन्नई के हार्बर विधानसभा क्षेत्र में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान यह घोषणा की। उन्होंने विपक्षी दल डीएमके पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पार्टी फंड जुटाने के नाम पर कई तरह की अनियमितताएं हुईं। उन्होंने कहा कि डीएमके के कुछ नेता इन मामलों से अनजान होने का दावा कर रहे हैं, जबकि सरकार की जांच में कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं।

विल्सन ने कहा कि सरकार एक विस्तृत ऑडिट रिपोर्ट तैयार कर रही है, जिसमें पिछली डीएमके सरकार के कार्यकाल के दौरान पार्टी फंड से जुड़े मामलों की जांच की गई है। उन्होंने दावा किया कि रिपोर्ट में भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों की सूची शामिल होगी और इसे विधानसभा के आगामी बजट सत्र में प्रस्तुत किया जाएगा।

वित्त मंत्री ने बिना सीधे तौर पर किसी का नाम लिए पूर्व डीएमके मंत्री और मौजूदा हार्बर विधायक पीके सेकर बाबू की ओर इशारा किया। उन्होंने कहा कि जो लोग इन मामलों से खुद को अनजान बता रहे हैं, रिपोर्ट आने के बाद उनकी स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। उन्होंने दावा किया कि ऑडिट रिपोर्ट के जरिए कथित गड़बड़ियों का खुलासा होगा और जिम्मेदार लोगों पर सवाल उठेंगे।

उन्होंने कहा, "जो लोग पूछ रहे हैं कि पार्टी फंड क्या है, उन्हें जल्द ही जवाब मिल जाएगा। पिछली सरकार के दौरान पार्टी फंड जुटाने के नाम पर हुई कथित अनियमितताओं पर रिपोर्ट तैयार की जा रही है। इसे बजट सत्र में पेश किया जाएगा।"

तमिलनाडु सरकार का यह कदम ऐसे समय में आया है, जब राज्य में राजनीतिक माहौल पहले से ही काफी गर्म है। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली सरकार लगातार भ्रष्टाचार और प्रशासनिक पारदर्शिता के मुद्दे पर विपक्ष को घेरने की कोशिश कर रही है। वहीं डीएमके की ओर से अभी इस मामले पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

कार्यक्रम के दौरान वित्त मंत्री ने नीट परीक्षा के मुद्दे पर भी अपनी सरकार का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि टीवीके सरकार नीट परीक्षा को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है और इसके लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि उनकी पार्टी इस परीक्षा को लेकर स्थायी समाधान निकालने की दिशा में काम कर रही है।

विल्सन ने कहा कि तमिलनाडु में 2026 में हुए राजनीतिक बदलाव की तरह ही आने वाले वर्षों में देश की राजनीति में भी बड़ा परिवर्तन देखने को मिल सकता है। उन्होंने दावा किया कि 2029 के लोकसभा चुनाव के बाद राष्ट्रीय स्तर पर भी राजनीतिक बदलाव की संभावना है।

उन्होंने 10वीं और 12वीं कक्षा के छात्रों को प्रशंसा प्रमाण पत्र वितरित करने के कार्यक्रम में कहा कि शिक्षा क्षेत्र से जुड़े मुद्दों को सरकार गंभीरता से ले रही है। नीट परीक्षा को लेकर छात्रों की चिंताओं को दूर करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।

अब सभी की नजर आगामी बजट सत्र पर है, जहां सरकार की ओर से पेश की जाने वाली ऑडिट रिपोर्ट राजनीतिक बहस का बड़ा मुद्दा बन सकती है। यदि रिपोर्ट में लगाए गए आरोपों के समर्थन में तथ्य सामने आते हैं तो डीएमके को विपक्ष के हमलों का सामना करना पड़ सकता है। वहीं डीएमके इस रिपोर्ट और सरकार के आरोपों पर क्या रुख अपनाती है, यह भी देखने वाली बात होगी।

फिलहाल तमिलनाडु की राजनीति में भ्रष्टाचार, पार्टी फंड और नीट जैसे मुद्दे प्रमुख चर्चा का विषय बने हुए हैं। विजय सरकार द्वारा पेश की जाने वाली ऑडिट रिपोर्ट को लेकर राजनीतिक हलकों में काफी उत्सुकता है और माना जा रहा है कि इसके बाद राज्य की सियासत में नया विवाद खड़ा हो सकता है।

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