मुंबई: दिल्ली पुलिस की ओर से सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल ले जाए जाने के बाद अन्ना हजारे ने सरकार को बातचीत की सलाह दी है. उन्होंने कहा कि वांगचुक 20 दिन तक अनशन पर रहे हैं, इसलिए सरकार को उनके सब्र का इम्तिहान नहीं लेना चाहिए. उनका कहना है कि सरकार उनकी मांगें माने या न माने, लेकिन बातचीत जरूर करे.
अन्ना हजारे ने कहा कि सरकार को इस मामले पर अपनी चुप्पी तोड़नी चाहिए. उनके मुताबिक, सरकार चाहे वांगचुक की मांगों पर हां कहे या साफ तौर पर ना, लेकिन बातचीत जरूर होनी चाहिए. उनके मुताबिक, किसी भी मुद्दे का समाधान बातचीत से ही निकलता है.
बता दें कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर 20 दिन तक भूख हड़ताल करने वाले सोनम वांगचुक को शनिवार सुबह दिल्ली पुलिस सफदरजंग अस्पताल ले गई. अस्पताल के मुताबिक, ठोस भोजन नहीं लेने की वजह से उनके शरीर में कमजोरी और पानी की कमी के संकेत मिले हैं. हालांकि भर्ती के समय वह पूरी तरह होश में थे और उनका ब्लड प्रेशर, पल्स व ऑक्सीजन स्तर सामान्य था.