कॉलेज कैंपस में ‘होटल जैसे कमरे’ , छात्राओं के आरोप से मचा बवाल
'कॉम्प्रोमाइज' का दबाव...
कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता का एक प्रतिष्ठित लॉ कॉलेज इस समय बेहद शर्मनाक और संगीन आरोपों के घेरे में है. सुरेंद्रनाथ लॉ कॉलेज की छात्राओं ने आरोप लगाया है कि कॉलेज कैंपस के भीतर 'होटल स्टाइल कमरे' बनाए गए हैं, जिनका इस्तेमाल शैक्षणिक गतिविधियों के अलावा दूसरे कामों के लिए किया जाता था. इतना ही नहीं, छात्राओं को इन कमरों के नाम पर डराया-धमकाया जाता था और उन पर "कॉम्प्रोमाइज" (समझौता) करने का अनैतिक दबाव बनाया जाता था.
मामला तब सामने आया जब कम अटेंडेंस के कारण छात्रों को परीक्षा में बैठने से रोके जाने पर हंगामा शुरू हुआ. एबीवीपी और अन्य छात्रों ने प्रदर्शन तेज कर दिया. इसी विरोध प्रदर्शन के दौरान छठे सेमेस्टर की छात्रा नीलांजना भट्टाचार्य ने मीडिया के सामने आकर यह खौफनाक खुलासा किया.
नीलांजना ने कॉलेज की गवर्निंग बॉडी के प्रेसिडेंट और स्थानीय TMC नेता देवाशीष बनर्जी उर्फ "कान कटा देबू" पर सीधे आरोप लगाए. छात्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "हमारे कॉलेज के अंदर होटल जैसे कमरे बने हुए हैं. हमारी पढ़ाई की फीस के पैसों का इस्तेमाल इन कमरों को बनाने में किया गया. छात्राओं को बार-बार 'कॉम्प्रोमाइज' करने के लिए कहा जाता था और विरोध करने पर धमकियां दी जाती थीं."
कॉलेज की पूर्व वाइस प्रिंसिपल मोहम्मदी तरन्नुम ने भी इन आरोपों पर मुहर लगाते हुए कई चौंकाने वाली बातें कही हैं. न्यूज़ चैनल से बात करते हुए उन्होंने स्वीकार किया कि कॉलेज में ऐसे दो कमरे मौजूद हैं जिनमें बेड, तकिए और अटैच बाथरूम बने हुए हैं. प्रशासन ने उन्हें बताया था कि ये कमरे सेमिनार में आने वाले बाहरी मेहमानों के लिए हैं, लेकिन उनके अंदर असल में क्या होता था, इसकी जानकारी उन्हें नहीं थी.
पूर्व वाइस प्रिंसिपल ने यह भी बताया कि इस मामले की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने खुद महिला आयोग का दरवाजा खटखटाया है. उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 15 सालों से वे शिक्षा मंत्री से लेकर मुख्यमंत्री तक गुहार लगा चुकी हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई.
पूर्व वाइस प्रिंसिपल ने टीएमसी नेता देवाशीष बनर्जी पर कॉलेज के अंदर 'थ्रेट कल्चर' चलाने का गंभीर आरोप लगाया. उन्होंने बताया, "जब भी मैं गलत गतिविधियों का विरोध करती, देवाशीष बनर्जी मुझे धमकियां देते थे. वे कहते थे कि सड़क पर चलते वक्त कोई भी तुम्हारा गला रेतकर चला जाएगा और किसी को पता भी नहीं चलेगा. उन्होंने मेरे बेटे का अपहरण करने तक की धमकी दी थी."
फिलहाल, छात्र संगठनों के भारी विरोध और बीजेपी के सोशल मीडिया पर मोर्चा खोलने के बाद इस मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है. छात्राएं और कॉलेज स्टाफ अब इस पूरे सिंडिकेट की उच्चस्तरीय जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.