Chennai. चेन्नई। तमिलनाडु की मदुरंतकम और धारापुरम विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव से पहले पट्टाली मक्कल काची (PMK) ने अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। पार्टी अध्यक्ष अंबुमणि रामदास ने घोषणा की है कि PMK दोनों सीटों पर किसी भी राजनीतिक दल को समर्थन नहीं देगी और उपचुनाव में तटस्थ रहेगी। पार्टी पदाधिकारियों और दोनों विधानसभा क्षेत्रों के स्थानीय नेताओं से विचार-विमर्श के बाद यह फैसला लिया गया है। मदुरंतकम और धारापुरम दोनों अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित विधानसभा सीटें हैं। इन दोनों सीटों पर 6 अक्टूबर 2026 को मतदान होना है, जबकि मतगणना 9 अक्टूबर को निर्धारित है।
PMK का फैसला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि पिछले विधानसभा चुनाव में पार्टी AIADMK-BJP के नेतृत्व वाले गठबंधन का हिस्सा थी। उपचुनाव में भी AIADMK को PMK के समर्थन की उम्मीद थी। रिपोर्ट के मुताबिक AIADMK के नेताओं ने अंबुमणि रामदास से मुलाकात कर समर्थन मांगा था, लेकिन विचार-विमर्श के बाद PMK ने किसी भी दल के पक्ष में नहीं जाने का फैसला किया। दोनों सीटों पर इस बार कई राजनीतिक दल मैदान में हैं। AIADMK ने मदुरंतकम से कनिता संपत और धारापुरम से भानुमति को उम्मीदवार बनाया है। वहीं DMK ने मदुरंतकम से आई. परंधामन और धारापुरम से एस. सुगन्या को मैदान में उतारा है।
तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) ने मदुरंतकम से पूर्व विधायक मरगथम कुमारवेल और धारापुरम से पूर्व विधायक सत्यभामा को उम्मीदवार बनाया है। दोनों ने विधायक पद से इस्तीफा देकर TVK का दामन थामा था, जिसके बाद इन सीटों पर उपचुनाव की स्थिति बनी। वाम दल भी दोनों सीटों पर चुनाव लड़ रहे हैं। CPI धारापुरम और CPI(M) मदुरंतकम में उम्मीदवार उतार चुकी हैं। इसके चलते दोनों विधानसभा क्षेत्रों में मुकाबला बहुकोणीय हो गया है। ऐसे चुनावी माहौल में PMK ने उम्मीदवार उतारने या किसी अन्य दल को समर्थन देने के बजाय तटस्थ रहने का रास्ता चुना है। इस फैसले के बाद अब विभिन्न दलों को दोनों सीटों पर अपने संगठन और स्थानीय समर्थन के आधार पर चुनावी अभियान आगे बढ़ाना होगा।
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