अनाज भंडारण को मिलेगी नई ताकत 290 करोड़ की बड़ी योजना
290 करोड़ से बदलेगी अनाज भंडारण
Chandigarh चंडीगढ़: हरियाणा में अनाज को सुरक्षित रखने और भंडारण क्षमता बढ़ाने के लिए बड़े स्तर पर काम किया जा रहा है। प्रदेश में करीब तीन लाख टन अनाज रखने की अतिरिक्त क्षमता तैयार करने के लिए नए गोदाम बनाए जाएंगे। इसके साथ ही अंबाला-शाहबाद क्षेत्र में करीब 100 एकड़ जमीन पर आधुनिक साइलो बनाने की योजना है। यमुनानगर में पहले से निर्माणाधीन साइलो का काम भी तय समय में पूरा करने पर जोर दिया गया है।
हरियाणा सार्वजनिक उपक्रम ब्यूरो के चेयरमैन मोहनलाल कौशिक ने हरियाणा राज्य वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन की समीक्षा बैठक के दौरान भंडारण व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की बजट घोषणा को लागू करने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। नए गोदामों और आधुनिक साइलो से प्रदेश में खरीदे जाने वाले गेहूं धान और दूसरे अनाज को सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी।
योजना के मुताबिक हरियाणा राज्य वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन करीब 180 करोड़ रुपये खर्च कर 2 लाख 30 हजार 508 मीट्रिक टन क्षमता वाले नए गोदाम बनाएगा। इसके अलावा 1 लाख 43 हजार 664 मीट्रिक टन क्षमता वाले पुराने गोदामों का नवीनीकरण किया जाएगा। इस काम पर करीब 110.68 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना है। इस तरह नए गोदामों के निर्माण और पुराने भंडारण केंद्रों के जीर्णोद्धार पर कुल करीब 290 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
अधिकारियों को प्रदेश में मौजूद गोदामों का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश भी दिए गए हैं। पाक्षिक और मासिक निरीक्षण के जरिए यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि भंडारित अनाज नमी बारिश या दूसरी वजहों से खराब न हो। सरकार का जोर ऐसी व्यवस्था विकसित करने पर है जिसमें खरीद के बाद अनाज को सुरक्षित तरीके से लंबे समय तक रखा जा सके। हरियाणा राज्य वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन की प्रदेश की अनाज खरीद और भंडारण व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक पिछले वर्ष निगम ने प्रदेश की 86 मंडियों के माध्यम से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर करीब 10.32 लाख टन धान खरीदा था। इसके अलावा पिछले वर्षों में गेहूं और बाजरे की खरीद में भी निगम की भागीदारी रही है।
वर्तमान में प्रदेश के 124 स्थानों पर करीब 28.30 लाख मीट्रिक टन क्षमता के गोदामों में अनाज के भंडारण की व्यवस्था है। इनमें करीब 19.15 लाख मीट्रिक टन क्षमता निगम के अपने गोदामों की है जबकि करीब 5.45 लाख मीट्रिक टन क्षमता निजी गोदामों से जुड़ी बताई गई है। अब नई परियोजनाओं के पूरा होने से भंडारण व्यवस्था और मजबूत होगी। आधुनिक साइलो पारंपरिक खुले भंडारण की तुलना में अनाज को मौसम नमी और कीटों से बेहतर सुरक्षा देने में मदद करते हैं। अंबाला-शाहबाद और यमुनानगर की परियोजनाओं के साथ नए गोदाम बनने से खरीद सीजन में भंडारण पर पड़ने वाला दबाव कम होने की उम्मीद है। सरकार का लक्ष्य किसानों से खरीदे गए अनाज को सुरक्षित रखना और भंडारण के दौरान होने वाले नुकसान को न्यूनतम करना है।