पानीपत में स्वाइन फ्लू का बढ़ता खतरा, 4 मरीजों की हालत गंभीर
H1N1 का प्रकोप नए केसों से बढ़ी टेंशन
Panipat पानीपत: जिले में स्वाइन फ्लू यानी एच1एन1 संक्रमण के मामले लगातार सामने आने से स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है। नए पॉजिटिव मरीज मिलने के बाद जिले में संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 33 पहुंच गई है। इनमें चार मरीजों की हालत गंभीर बताई जा रही है। बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी बढ़ाने के साथ लोगों से संक्रमण के लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करने की अपील की है।
जानकारी के मुताबिक हाल के दिनों में बुखार, खांसी और सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षणों के साथ अस्पताल पहुंचने वाले संदिग्ध मरीजों के नमूने जांच के लिए भेजे गए थे। इनमें कुछ मरीजों की रिपोर्ट एच1एन1 पॉजिटिव आई। इसके बाद जिले में अब तक सामने आए मामलों का आंकड़ा 33 हो गया। गंभीर मरीजों को चिकित्सकों की निगरानी में रखा गया है और जरूरत के अनुसार उपचार दिया जा रहा है। स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों के बीच स्वास्थ्य विभाग अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों को अलर्ट कर रहा है। संदिग्ध मरीजों की पहचान कर समय पर जांच कराने पर जोर दिया जा रहा है। खासतौर पर गंभीर लक्षण वाले मरीजों की निगरानी की जा रही है, ताकि संक्रमण बढ़ने की स्थिति में तुरंत उपचार उपलब्ध कराया जा सके।
एच1एन1 एक प्रकार का इन्फ्लुएंजा वायरस है, जो संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने से निकलने वाली बूंदों के जरिए फैल सकता है। इसके सामान्य लक्षणों में तेज बुखार, खांसी, गले में खराश, सिरदर्द, बदन दर्द, थकान और ठंड लगना शामिल हैं। कुछ मरीजों में सांस लेने में तकलीफ और सीने में दर्द जैसी गंभीर समस्या भी हो सकती है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक बुजुर्गों, छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं और पहले से गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोगों को संक्रमण होने पर अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत होती है। कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले मरीजों में बीमारी गंभीर रूप ले सकती है। ऐसे लोगों को बुखार और सांस से जुड़ी समस्या होने पर चिकित्सकीय सलाह लेने में देरी नहीं करनी चाहिए। स्वास्थ्य विभाग लोगों को भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सावधानी बरतने, खांसते और छींकते समय मुंह ढकने तथा हाथों की नियमित सफाई करने की सलाह दे रहा है। संक्रमण के लक्षण दिखाई देने पर दूसरों के संपर्क में आने से बचना भी जरूरी है। बिना चिकित्सकीय सलाह के दवा लेने के बजाय जांच और उचित उपचार को प्राथमिकता देने को कहा गया है।
स्वाइन फ्लू के मामले बढ़ने के बाद जिले में स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। अस्पतालों में आने वाले संदिग्ध मरीजों का रिकॉर्ड तैयार करने और जरूरत के अनुसार नमूने लेने की व्यवस्था की जा रही है। हालांकि केवल मामलों की संख्या बढ़ने को महामारी जैसी स्थिति मानना उचित नहीं होगा। स्वास्थ्य विभाग की आगे की आधिकारिक रिपोर्ट से संक्रमण की वास्तविक स्थिति और गंभीर मरीजों की संख्या अधिक स्पष्ट होगी। फिलहाल 33 पॉजिटिव मामलों और चार गंभीर मरीजों की सूचना के बीच लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। समय पर जांच, उचित उपचार और सामान्य संक्रमण-रोधी सावधानियों से एच1एन1 के प्रसार और गंभीरता के जोखिम को कम किया जा सकता है।