मुंबई। मुंबई। मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (CSMI Airport) पर कस्टम अधिकारियों ने सोने की तस्करी की एक कोशिश नाकाम करते हुए मलाड निवासी 41 वर्षीय यात्री को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों के अनुसार आरोपी के पास से 1.4 किलोग्राम से अधिक सोना बरामद किया गया। वह वियतनाम की राजधानी हनोई से मुंबई पहुंचा था। जांच एजेंसी को संदेह है कि आरोपी कथित तस्करी नेटवर्क के लिए कैरियर के रूप में काम कर रहा था।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक गिरफ्तार यात्री की पहचान पी.वी. शर्मा के रूप में हुई है। वह गुरुवार रात हनोई से विमान के जरिए मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचा था। एयर इंटेलिजेंस यूनिट (AIU) के अधिकारियों ने स्पॉट प्रोफाइलिंग के आधार पर उस पर नजर रखी और ग्रीन चैनल से बाहर निकलते समय उसे रोक लिया।

अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए होता है जिनके पास घोषित करने योग्य सीमा शुल्क वाली वस्तुएं नहीं होती हैं। अधिकारियों ने शर्मा को रोककर उससे पूछा कि क्या उसके सामान या उसके पास कोई ऐसी वस्तु है जिस पर सीमा शुल्क देना जरूरी है। उससे प्रतिबंधित सामान और कच्चे सोने के बारे में भी सवाल किए गए।

अधिकारियों के सवालों पर यात्री ने कथित तौर पर ऐसी किसी वस्तु के अपने पास होने से इनकार कर दिया। लेकिन उसके जवाबों और व्यवहार से एयर इंटेलिजेंस यूनिट के अधिकारी संतुष्ट नहीं हुए। इसके बाद उसके सामान की विस्तृत जांच के साथ व्यक्तिगत तलाशी लेने का फैसला किया गया।

तलाशी के दौरान अधिकारियों को सोना मिला। बरामद कीमती धातु का कुल वजन 1.4 किलोग्राम से अधिक बताया गया है। सोना कथित तौर पर बिना घोषणा किए भारत लाया गया था। इसके बाद कस्टम अधिकारियों ने उसे जब्त कर लिया और यात्री को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की।

जांच में अब यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि बरामद सोना किसके लिए मुंबई लाया गया था और एयरपोर्ट से बाहर निकलने के बाद इसकी डिलीवरी किस व्यक्ति को की जानी थी। अधिकारियों को संदेह है कि आरोपी अकेले काम करने के बजाय किसी बड़े नेटवर्क के निर्देश पर सोना लेकर भारत आया था। हालांकि नेटवर्क से संबंध का आरोप अभी जांच के दायरे में है और इसे दोषसिद्ध तथ्य नहीं माना जा सकता।

कस्टम अधिकारियों के लिए इस मामले में यात्री की विदेश यात्रा से जुड़ा रिकॉर्ड भी महत्वपूर्ण हो सकता है। जांच के दौरान यह पता लगाया जा सकता है कि उसने हाल के महीनों में कितनी बार विदेश यात्रा की, किन देशों की यात्रा की और पहले भी वह वियतनाम या सोने की तस्करी से जुड़े संवेदनशील रूट पर गया था या नहीं। उसके संपर्कों और यात्रा के उद्देश्य की भी जांच की जा सकती है।

अधिकारियों की जांच का एक प्रमुख पहलू सोने की खरीद और उसके भुगतान के स्रोत का पता लगाना भी है। अगर आरोपी किसी अन्य व्यक्ति के निर्देश पर सोना लेकर आया था तो जांच एजेंसी उस व्यक्ति या समूह की पहचान करने का प्रयास करेगी। साथ ही यह भी पता लगाया जाएगा कि सोने को मुंबई में किस स्थान पर पहुंचाया जाना था।

अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर सोने की तस्करी रोकने के लिए कस्टम विभाग कई स्तरों पर निगरानी करता है। यात्रियों की प्रोफाइलिंग, संदिग्ध यात्रा पैटर्न, व्यवहार, सामान की स्कैनिंग और खुफिया सूचनाओं के आधार पर संदिग्ध यात्रियों की जांच की जाती है। मौजूदा मामले में भी अधिकारियों ने स्पॉट प्रोफाइलिंग के आधार पर यात्री को रोकने की बात कही है।

भारत में विदेश से सोना लाने के लिए सीमा शुल्क और घोषणा से जुड़े नियम लागू होते हैं। निर्धारित सीमा और नियमों से बाहर सोना लाने पर यात्री को इसकी घोषणा करनी होती है और लागू सीमा शुल्क का भुगतान करना पड़ सकता है। बिना घोषणा किए बड़ी मात्रा में सोना लाने के मामलों में सीमा शुल्क कानून के तहत जब्ती, जुर्माना और परिस्थितियों के आधार पर गिरफ्तारी जैसी कार्रवाई हो सकती है।

मुंबई एयरपोर्ट देश के सबसे व्यस्त अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों में से एक है। यहां खाड़ी देशों के साथ दक्षिण-पूर्व एशिया से बड़ी संख्या में अंतरराष्ट्रीय उड़ानें आती हैं। कस्टम और एयर इंटेलिजेंस यूनिट की टीमें तस्करी से जुड़े मामलों को रोकने के लिए नियमित रूप से यात्रियों और सामान की जांच करती हैं।

हाल के वर्षों में तस्करों द्वारा सोना छिपाने के लिए अलग-अलग तरीके अपनाने के मामले सामने आते रहे हैं। इसी वजह से कस्टम अधिकारी केवल सामान की स्कैनिंग पर निर्भर नहीं रहते, बल्कि यात्रियों की यात्रा संबंधी जानकारी और व्यवहार का भी विश्लेषण करते हैं। हालांकि मौजूदा मामले में सोना किस तरीके से छिपाया गया था, इसकी पुष्टि उपलब्ध प्रारंभिक जानकारी में नहीं हुई है। इसलिए इसे लेकर कोई निश्चित दावा करना उचित नहीं होगा।

अधिकारियों की पूछताछ में यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि आरोपी को कथित तौर पर कैरियर के रूप में काम करने के बदले कितनी रकम मिलने वाली थी। इसके अलावा वियतनाम में सोना उपलब्ध कराने वाले व्यक्ति और मुंबई में इसे लेने वाले संभावित रिसीवर की पहचान भी जांच का हिस्सा हो सकती है।

जब्त किए गए सोने की सटीक मात्रा, शुद्धता और बाजार मूल्य का अंतिम आंकड़ा आधिकारिक मूल्यांकन के बाद स्पष्ट होगा। प्रारंभिक जानकारी में इसका वजन 1.4 किलोग्राम से अधिक बताया गया है। ऐसे में आधिकारिक मूल्यांकन सामने आने से पहले सोने की कीमत को लेकर निश्चित रकम लिखना उचित नहीं होगा।

फिलहाल कस्टम अधिकारियों ने आरोपी को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले में कथित तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा कि वियतनाम से मुंबई लाए गए इस सोने के पीछे कोई संगठित गिरोह सक्रिय था या नहीं। आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगा।

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