मुंबई। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के मोबाइल फोन को लेकर सामने आई एक खबर चर्चा में है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक लंदन से मुंबई लौटते समय उनका iPhone ब्रिटिश एयरवेज के विमान में छूट गया था। घर पहुंचने के बाद जब उन्हें फोन अपने पास नहीं मिला तो उनकी टीम ने पुलिस को इसकी जानकारी दी। इसके बाद एयरलाइन की सुरक्षा टीम से संपर्क कर विमान की तलाशी ली गई और करीब एक घंटे के भीतर फोन मिल गया। हालांकि बाद में शिंदे और उनके कार्यालय ने फोन छूटने की इस खबर का खंडन किया है।

रिपोर्ट के मुताबिक एकनाथ शिंदे करीब एक सप्ताह के लंदन दौरे के बाद 12 सितंबर को मुंबई लौटे थे। वह ब्रिटिश एयरवेज की फ्लाइट से मुंबई पहुंचे। विमान रात करीब दो बजे छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरा था। एयरपोर्ट पर पार्टी नेताओं और समर्थकों ने उनका स्वागत किया और उन्होंने मीडिया से भी बातचीत की।

एयरपोर्ट से निकलने के बाद शिंदे अपने आवास पहुंच गए। रिपोर्ट में दावा किया गया कि रात करीब तीन बजे उन्हें एहसास हुआ कि उनका iPhone उनके पास नहीं है। इसके बाद उनकी टीम और सुरक्षा से जुड़े अधिकारियों को इसकी जानकारी दी गई। शुरुआती तौर पर आशंका जताई गई कि मोबाइल ब्रिटिश एयरवेज के उसी विमान में छूट गया होगा, जिससे वह लंदन से मुंबई आए थे।

इसके बाद पुलिस ने एयरपोर्ट पर ब्रिटिश एयरवेज की सुरक्षा टीम से संपर्क किया। विमान के अंदर फोन की तलाश की गई। रिपोर्ट के अनुसार करीब एक घंटे की खोजबीन के बाद मोबाइल विमान के अंदर ही मिल गया। सुबह करीब चार बजे तक फोन बरामद होने की बात कही गई। कुछ मीडिया रिपोर्टों में फोन सौंपे जाने के समय को लेकर अंतर है।

घटना से जुड़ी शुरुआती रिपोर्टों में बताया गया कि शिंदे अपने iPhone का इस्तेमाल नियमित रूप से वीडियो कॉल और दूसरे कामों के लिए करते हैं। बैठकों के दौरान कई बार फोन उनके निजी सहायक के पास भी रहता है। एक करीबी सहयोगी के हवाले से यह भी बताया गया कि व्यस्त कार्यक्रम के कारण इससे पहले भी उनका फोन इधर-उधर रह चुका है।

हालांकि इस पूरे घटनाक्रम में महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि बाद में उपमुख्यमंत्री कार्यालय ने फोन विमान में छूटने की खबर को गलत बताया। एकनाथ शिंदे ने भी एक मराठी समाचार चैनल से बातचीत में कहा कि उनका कोई मोबाइल विमान में नहीं छूटा था। ऐसे में फोन मिलने और पुलिस की तलाशी से जुड़ा घटनाक्रम मीडिया रिपोर्टों पर आधारित दावा है, जिसका शिंदे पक्ष ने खंडन किया है।

शिंदे 5 सितंबर को अपने करीबी सहयोगियों के साथ लंदन के लिए रवाना हुए थे। रिपोर्ट के मुताबिक उनका दौरा करीब एक सप्ताह का था। इस दौरान उन्होंने कई कार्यक्रमों में हिस्सा लिया और विभिन्न कार्यक्रमों में उन्हें तीन सम्मान भी दिए गए।

लंदन प्रवास के दौरान शिंदे ने भारतीय क्रिकेट टीम के दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली से भी मुलाकात की। दोनों की मुलाकात की तस्वीरें सामने आई थीं। इसके अलावा शिंदे ने डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के लंदन स्थित पूर्व आवास से जुड़े स्मारक का दौरा भी किया। लंदन में वड़ा पाव खाते हुए उनकी तस्वीरें और वीडियो भी चर्चा में रहे।

विराट कोहली से शिंदे की मुलाकात ने भी सोशल मीडिया पर काफी ध्यान खींचा। लंदन दौरे के दौरान हुई इस मुलाकात के बाद शिंदे अपने अन्य कार्यक्रमों में शामिल हुए और बाद में मुंबई के लिए रवाना हुए।

इस बीच फोन छूटने की खबर सामने आने के बाद मामला इसलिए चर्चा में आया क्योंकि एक राज्य के उपमुख्यमंत्री के मोबाइल में संपर्क और दूसरी महत्वपूर्ण जानकारियां हो सकती हैं। हालांकि उपलब्ध विश्वसनीय रिपोर्टों में फोन से किसी डेटा के दुरुपयोग या सुरक्षा उल्लंघन की पुष्टि नहीं हुई है।

कुछ रिपोर्टों में यह भी कहा गया कि शिंदे के साथ इससे पहले भी ऐसी स्थिति बन चुकी है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री रहने के दौरान कथित तौर पर उनका एक मोबाइल फोन नहीं मिल रहा था, जिसे बाद में खोज लिया गया था। मौजूदा मामले में भी मीडिया रिपोर्टों ने पुराने घटनाक्रम का उल्लेख किया है।

ब्रिटिश एयरवेज के विमान में फोन छूटने की कथित घटना की खबर 18 और 19 सितंबर को विभिन्न मीडिया संस्थानों में प्रकाशित हुई। अधिकांश रिपोर्टों में विमान के करीब दो बजे मुंबई पहुंचने, तीन बजे फोन नहीं मिलने का पता चलने और लगभग चार बजे फोन बरामद होने का समान घटनाक्रम बताया गया है।

लेकिन समाचार प्रकाशित करते समय शिंदे पक्ष का खंडन शामिल करना जरूरी है। उपमुख्यमंत्री कार्यालय ने ऐसी घटना होने से इनकार किया है और खुद शिंदे ने भी कहा है कि उनका मोबाइल विमान में नहीं छूटा था। इसलिए मामले को पुष्ट घटना के बजाय मीडिया रिपोर्टों में सामने आए दावे और उसके आधिकारिक खंडन के साथ प्रस्तुत करना अधिक सटीक होगा।

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