आजाद समाज पार्टी की सभा का विरोध, करणी सेना के कई कार्यकर्ता हिरासत में
बड़ी खबर
Sagar. सागर। मध्य प्रदेश के सागर में शनिवार को आजाद समाज पार्टी के नेता दामोदर यादव की सभा को लेकर तनाव की स्थिति देखने को मिली। सभा का विरोध करने के लिए करणी सेना के कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे। हालात को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए और अलग-अलग स्थानों से सागर की ओर आ रहे कई कार्यकर्ताओं को रास्ते में ही रोक दिया। दामोदर यादव और करणी सेना के बीच पिछले महीने बयानबाजी के बाद विवाद सामने आया था। दामोदर यादव की टिप्पणी के विरोध में करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने दतिया में शिकायत देकर कार्रवाई की मांग भी की थी।
शनिवार को सागर में आयोजित सभा के विरोध के लिए हरियाणा समेत मध्य प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से करणी सेना के कार्यकर्ताओं के पहुंचने की बात सामने आई। पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बीना, मंडी बामौरा समेत अलग-अलग स्थानों पर कार्यकर्ताओं को रोका। शहर में मौजूद कुछ विरोध कर रहे नेताओं और कार्यकर्ताओं को भी पुलिस ने हिरासत में लिया। इस बीच पुलिस सुरक्षा के बीच आजाद समाज पार्टी के नेता दामोदर यादव धर्माश्री स्थित संविधान चौक पहुंचे। यहां उन्होंने आयोजित सभा को संबोधित किया। कार्यक्रम को देखते हुए मौके पर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात रहे। पुलिस की कोशिश रही कि सभा और उसका विरोध कर रहे समूह आमने-सामने न आएं और शहर में कानून-व्यवस्था प्रभावित न हो।
सभा समाप्त होने के बाद करणी सेना से जुड़े कुछ नेता और कार्यकर्ता मोतीनगर चौराहे पर पहुंच गए। यहां पुलिस ने उन्हें रोकते हुए हिरासत में ले लिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार ओकेंद्र राणा और इंदल सिंह राणा समेत अन्य कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर थाने में बैठाया गया। ओकेंद्र राणा को पूर्व की मीडिया रिपोर्टों में क्षत्रिय करणी सेना का राष्ट्रीय युवा अध्यक्ष बताया गया है। कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिए जाने की खबर फैलते ही उनके समर्थक थाने के बाहर पहुंचने लगे। कुछ ही देर में थाने के बाहर करणी सेना से जुड़े लोगों की भीड़ जमा हो गई। पुलिस अधिकारियों ने मौके पर मौजूद कार्यकर्ताओं से बातचीत की और उन्हें समझाइश देकर वापस भेजा।
पूरे घटनाक्रम के दौरान पुलिस प्रशासन अलर्ट मोड पर रहा। शहर के संवेदनशील स्थानों और सभा स्थल के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था। प्रशासन की प्राथमिकता दोनों पक्षों के बीच सीधे टकराव की स्थिति बनने से रोकना रही। फिलहाल हिरासत में लिए गए कार्यकर्ताओं को लेकर पुलिस की आगे की कार्रवाई की विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है। ऐसे में गिरफ्तारी या हिरासत की कानूनी स्थिति और संबंधित धाराओं की पुष्टि पुलिस के आधिकारिक बयान के आधार पर ही की जानी चाहिए।