नौणी विश्वविद्यालय का रेजिन आर्ट मॉडल पुष्प उत्पादकों के लिए नई उम्मीद

Update: 2026-07-17 11:04 GMT
Solan. सोलन। डा. यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी के फ्लोरीकल्चर विभाग ने फूलों की खेती को नई दिशा देने की अनूठी पहल की है। फ्लोरिकल्चर और लैंड स्केपिंग विभाग ने असली डेंड्रोबियम ऑर्किड के फूलों को यूवी रेजिन में सुरक्षित कर आकर्षक ब्रेसलेट, पेंडेंट, ईयररिंग्स, की-चेन और अन्य सजावटी आभूषण तैयार किए हैं। विश्वविद्यालय परिसर में प्रदर्शित इन उत्पादों ने सभी का ध्यान आकर्षित
किया है। खास बात यह है कि जिन फूलों का बाजार मूल्य कुछ दिनों बाद समाप्त हो जाता है, उन्हें अब रेजिन आर्ट के माध्यम से लंबे समय तक सुरक्षित रखकर मूल्यवर्धित उत्पाद बनाया जा सकता है। डा. यशवंत सिंह परमार नौणी विश्वद्यालय के कुलपति हरमिंदर बवेजा ने बताया कि यह केवल एक कला नहीं बल्कि किसानों की आय बढ़ाने का प्रभावी माध्यम बन सकता है। उन्होंने कहा कि हिमाचल में बड़ी संख्या में किसान व्यावसायिक फूलों की खेती कर रहे हैं। कई बार बाजार में उचित दाम नहीं मिलने या फूलों के मुरझाने से किसानों को नुकसान उठाना पड़ता है। ऐसे में सूखे अथवा अनुपयोगी हो चुके फूलों को रेजिन आर्ट के माध्यम से आकर्षक उत्पादों में बदलकर उनकी कीमत कई गुना बढ़ाई जा सकती है।
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