मंडी। मंडी में बारिश द्वारा बरपाए गए कहर के बीच 300 पोलीहाउस तबाह हो गए हैं। बारिश और लैंडस्लाइडिंग तथा बादल फटने के कारण हजारों किसानों के सामने भूखमरी की समस्या पैदा हो गई है। कृषि विभाग के प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक 20 करोड़ से ज्यादा का नुकसान हो चुका है, जिसमें फसलों को 11 करोड़ और पोलीहाउस व सिंचाई स्कीमों को नौ करोड़ के नुकसान का आकलन विभाग द्वारा लगाया गया है। मानसून के बाद से ही बरसात का कहर जारी है। प्रदेश भर में भारी बारिश, बाढ़, बादल फटने, फ्लैश फ्लड और लैंडस्लाइड से भारी नुकसान हुआ है। आपदा में मंडी में कृषि विभाग को 20 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। मानसून ने प्रदेश में सबसे ज्यादा जख्म मंडी जिला को दिए हैं। मंडी जिला में भारी बारिश और प्राकृतिक आपदा से सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है।

भीषण बारिश और उसके बाद आई बाढ़ ने करीब 300 पोलीहाउस तबाह कर दिए हैं। इससे किसानों को बड़ा झटका लगा है। इन पोलीहाउस के नष्ट होने से किसानों की आजीविका पर सीधा असर पड़ा है, क्योंकि वे संरक्षित खेती के लिए इन पर निर्भर थे। वहीं किसानों की मानें तो सडक़ों में फंसे फलों और सब्जियों के न तो मंडियों में उचित दाम मिलेंगे और न ही उनकी मेहनत का फल मिल पाएगा। उधर, कृषि विभाग मंडी के उपनिदेशक डा. रामचंद्र चौधरी ने बताया कि मंडी जिला में फसलों को 11 करोड़ और पोलीहाउस व सिंचाई स्कीमों को नौ करोड़ के नुकसान का आकलन विभाग द्वारा लगाया गया है। प्रभावित किसानों की सूची तैयार की जा रही है।
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