अमरावती। आंध्र प्रदेश में ग्रामीण क्षेत्रों के विकास को गति देने के लिए राज्य सरकार बड़े स्तर पर विकास परियोजनाओं की शुरुआत करने जा रही है। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू और उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण 29 सितंबर को नेल्लोर जिले के उदयगिरि में ‘पल्ले पांडुगा 3.0’ अभियान के तहत 11,085 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का शुभारंभ करेंगे। इस अभियान का उद्देश्य गांवों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना है।‘पल्ले पांडुगा 3.0’ के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क निर्माण, पशुपालन, जल निकासी व्यवस्था और पंचायत स्तर की सुविधाओं को विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। राज्य सरकार की योजना के अनुसार, हजारों करोड़ रुपये की लागत से गांवों में आधारभूत ढांचे को मजबूत किया जाएगा।
इस परियोजना के तहत गांवों में 2,700 करोड़ रुपये की लागत से 6,000 किलोमीटर लंबी सीमेंट कंक्रीट (CC) सड़कों का निर्माण किया जाएगा। ग्रामीण इलाकों में बेहतर संपर्क व्यवस्था तैयार करने के उद्देश्य से यह काम किया जाएगा। इन सड़कों के बनने से गांवों के लोगों को आवागमन में सुविधा मिलेगी और ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन व्यवस्था मजबूत होगी।इसके अलावा 7,550 करोड़ रुपये की लागत से 9,500 किलोमीटर लंबी बिटुमिनस (BT) सड़कों का निर्माण किया जाएगा। BT सड़कें ग्रामीण क्षेत्रों को बेहतर कनेक्टिविटी देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। सरकार का लक्ष्य है कि गांवों के अंदर और गांवों को जोड़ने वाले मार्गों को बेहतर बनाया जाए, जिससे लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य और बाजार तक पहुंच आसान हो सके।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था में पशुपालन की भूमिका को देखते हुए डेयरी किसानों के लिए भी विशेष योजना शामिल की गई है। इसके तहत 300 करोड़ रुपये की लागत से करीब 22,000 मिनी गोकुलम यानी पशु शेड बनाए जाएंगे। इन पशु शेड के निर्माण से डेयरी किसानों को अपने पशुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।सरकार का मानना है कि पशुपालन को बढ़ावा देने से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आय के अवसर बढ़ सकते हैं। मिनी गोकुलम योजना के जरिए पशुओं के रखरखाव के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक स्थान उपलब्ध कराने की कोशिश की जाएगी।
वहीं बागवानी विभाग भी इस अभियान के तहत महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। विभाग की ओर से 225 करोड़ रुपये की लागत से 50,000 एकड़ क्षेत्र में पौधरोपण किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य हरियाली बढ़ाना और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना है।पौधरोपण अभियान के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यावरण संतुलन बनाए रखने और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण पर जोर दिया जाएगा। इसके साथ ही बागवानी गतिविधियों को बढ़ावा देकर किसानों को भी लाभ पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
ग्रामीण क्षेत्रों में जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए 110 करोड़ रुपये की लागत से 1,000 किलोमीटर लंबी ‘मैजिक ड्रेन’ बनाई जाएंगी। इन विशेष नालियों का उद्देश्य गांवों में जलभराव की समस्या को कम करना और स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करना है।इसके अलावा 200 करोड़ रुपये की लागत से बस शेल्टर, ग्राम पंचायत भवन, रचाबंडा और अन्य ग्रामीण सुविधाओं से जुड़े कार्य भी किए जाएंगे। इन परियोजनाओं के माध्यम से गांवों में सार्वजनिक सुविधाओं को बेहतर बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
‘पल्ले पांडुगा 3.0’ अभियान को ग्रामीण विकास की दिशा में एक बड़े कदम के रूप में देखा जा रहा है। इस योजना के तहत सड़क, जल निकासी, पशुपालन, हरियाली और पंचायत स्तर की सुविधाओं पर एक साथ काम किया जाएगा।मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू और उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण की मौजूदगी में होने वाले कार्यक्रम के दौरान इन परियोजनाओं की शुरुआत की जाएगी। सरकार की कोशिश है कि ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को मजबूत कर लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाया जाए।
आंध्र प्रदेश सरकार लंबे समय से ग्रामीण क्षेत्रों में कनेक्टिविटी और सुविधाओं को बेहतर बनाने पर जोर दे रही है। सड़क निर्माण जैसी परियोजनाएं गांवों को शहरों और बाजारों से जोड़ने में मदद करती हैं। वहीं पंचायत भवन और बस शेल्टर जैसी सुविधाएं स्थानीय स्तर पर लोगों के लिए उपयोगी साबित होती हैं।ग्रामीण विकास के साथ-साथ पर्यावरण और पशुपालन को जोड़कर इस अभियान को व्यापक रूप दिया गया है। 50,000 एकड़ में पौधरोपण और हजारों पशु शेड का निर्माण ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक और सामाजिक बदलाव लाने के उद्देश्य से किया जा रहा है।
सरकार के अनुसार, इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद गांवों में आवागमन आसान होगा, किसानों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और स्थानीय स्तर पर विकास की गति तेज होगी। सड़क निर्माण और अन्य बुनियादी सुविधाओं से ग्रामीण क्षेत्रों में नए अवसर पैदा होने की उम्मीद जताई जा रही है।कुल मिलाकर आंध्र प्रदेश में ‘पल्ले पांडुगा 3.0’ के तहत 11,085 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की शुरुआत होने जा रही है। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू और उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण 29 सितंबर को नेल्लोर जिले के उदयगिरि से इस अभियान की शुरुआत करेंगे। इसमें सड़क निर्माण, पशु शेड, पौधरोपण, जल निकासी और पंचायत स्तर की सुविधाओं से जुड़े हजारों करोड़ रुपये के कार्य शामिल हैं।