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अमरावती। आंध्र प्रदेश में मुख्यमंत्री राहत कोष (CMRF) के इस्तेमाल को लेकर राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है। वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) के अड्डंकी निर्वाचन क्षेत्र के प्रभारी अशोक कुमार ने मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व वाली TDP गठबंधन सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि सरकार मुख्यमंत्री राहत कोष के पैसों का गलत इस्तेमाल कर रही है और इससे गरीब मरीजों को नुकसान पहुंच रहा है।YSRCP नेता अशोक कुमार ने पार्टी केंद्रीय कार्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान आरोप लगाया कि TDP गठबंधन सरकार के सत्ता में आने के बाद मुख्यमंत्री राहत कोष से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण विवरण सार्वजनिक डोमेन से हटा दिए गए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि लेटर ऑफ क्रेडिट (LoC) और रीइम्बर्समेंट से संबंधित जानकारी अब सार्वजनिक रूप से उपलब्ध क्यों नहीं है।
अशोक कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री राहत कोष का उद्देश्य जरूरतमंद और गंभीर रूप से बीमार मरीजों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है। ऐसे में इस फंड के इस्तेमाल में पारदर्शिता जरूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में इस व्यवस्था में बदलाव किए गए हैं, जिससे सवाल खड़े हो रहे हैं।YSRCP नेता ने आरोप लगाया कि फंड के वितरण में अनियमितताएं की जा रही हैं। उनके अनुसार, कथित तौर पर फर्जी मरीजों, जाली लेटर ऑफ क्रेडिट और 10 से 20 प्रतिशत कमीशन के जरिए धनराशि को कुछ अस्पतालों तक पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि इन अस्पतालों में कुछ TDP नेताओं से जुड़े अस्पताल भी शामिल हैं।
हालांकि, ये आरोप YSRCP नेता अशोक कुमार की ओर से लगाए गए हैं। सरकार या TDP गठबंधन की ओर से इन आरोपों पर तत्काल प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।अशोक कुमार ने कहा कि गरीब और जरूरतमंद मरीज मुख्यमंत्री राहत कोष से मिलने वाली सहायता पर निर्भर रहते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि इस तरह के फंड में किसी भी तरह की गड़बड़ी होती है तो इसका सीधा असर उन लोगों पर पड़ता है जिन्हें इलाज के लिए आर्थिक मदद की जरूरत होती है।उन्होंने मांग की कि मुख्यमंत्री राहत कोष के तहत जारी किए गए लेटर ऑफ क्रेडिट और रीइम्बर्समेंट से जुड़ी पूरी जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए। उनका कहना है कि फंड के इस्तेमाल में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सभी रिकॉर्ड लोगों के सामने होने चाहिए।
YSRCP नेता ने आरोप लगाया कि पहले मुख्यमंत्री राहत कोष से संबंधित जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध थी, जिससे लोग सहायता प्रक्रिया और खर्च से जुड़ी जानकारी देख सकते थे। उन्होंने सवाल किया कि नई सरकार के आने के बाद इन जानकारियों को सार्वजनिक प्लेटफॉर्म से हटाने की जरूरत क्यों पड़ी।मुख्यमंत्री राहत कोष आमतौर पर गंभीर बीमारियों, दुर्घटनाओं और अन्य आपात परिस्थितियों में जरूरतमंद लोगों को आर्थिक सहायता देने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इसके तहत मरीजों को इलाज के खर्च में मदद दी जाती है। इसी व्यवस्था को लेकर YSRCP ने सरकार पर सवाल उठाए हैं।
अशोक कुमार ने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य सहायता से जुड़े फंड का इस्तेमाल राजनीतिक प्रभाव वाले लोगों के फायदे के लिए नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि गरीब मरीजों के हितों को ध्यान में रखते हुए सरकार को पूरी जानकारी उपलब्ध करानी चाहिए।उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कथित कमीशन व्यवस्था के कारण वास्तविक जरूरतमंद मरीजों को परेशानी हो सकती है। YSRCP नेता ने सरकार से इस मामले में स्पष्टीकरण देने और फंड वितरण प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की मांग की।
इस पूरे मामले में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। YSRCP ने मुख्यमंत्री राहत कोष से जुड़ी प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए हैं और सरकार से जवाब मांगा है। पार्टी का कहना है कि सार्वजनिक धन के इस्तेमाल में जवाबदेही जरूरी है।अशोक कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री राहत कोष गरीब और जरूरतमंद लोगों के इलाज के लिए बनाया गया है, इसलिए इसमें किसी भी तरह की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने सरकार से यह स्पष्ट करने को कहा कि लेटर ऑफ क्रेडिट और रीइम्बर्समेंट से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक डोमेन से क्यों हटाई गई।
YSRCP की ओर से लगाए गए आरोपों के बाद राज्य की राजनीति में यह मुद्दा चर्चा का विषय बन गया है। पार्टी ने फंड के इस्तेमाल और अस्पतालों को भुगतान प्रक्रिया की जांच की मांग उठाई है।कुल मिलाकर YSRCP नेता अशोक कुमार ने TDP गठबंधन सरकार पर मुख्यमंत्री राहत कोष के कथित दुरुपयोग का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि फर्जी मरीजों, जाली LoC और कमीशन के जरिए फंड का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है। वहीं उन्होंने सरकार से CMRF से जुड़े दस्तावेज और भुगतान प्रक्रिया की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की है।
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