पलक्कड़: अट्टाप्पडी दोहरे हत्याकांड में पुलिस की नजर उस शख्स पर ही है, जिसकी पत्नी और बेटी की बेरहमी से हत्या कर लाश को अट्टाप्पडी में भवानी नदी के किनारे फेंक दी गई थी। शख्स पश्चिम बंगाल का प्रवासी श्रमिक है।
प्रवासी मजदूर पर अपनी पत्नी और पांच वर्ष की बेटी की बेरहमी से हत्या करने का शक है। उनकी क्षतविक्षत लाशें बोरियों में भरकर केरल के पलक्कड़ जिले के अट्टाप्पडी में भवानी नदी के किनारे फेंक दी गई थीं।
पुलिस को शक है कि जिस शख्स ने अपनी पत्नी और छोटी बेटी के साथ करीब 20 दिन पहले इस इलाके में आकर डेरा डाला था, वही उनकी हत्या के पीछे हो सकता है। पुलिस को यह भी पता चला है कि उस आदमी को अपनी पत्नी पर शक था, जिससे जांच करने वालों को हत्या के मकसद का एक संभावित सुराग मिला है।
पुलिस को यह जानकारी भी मिली है कि मारे गए लोग पश्चिम बंगाल के रहने वाले थे, जिससे इस बात की संभावना और मजबूत हो गई है कि यह मामला किसी प्रवासी परिवार से जुड़ा हो सकता है। हालांकि, अभी तक उनकी पहचान पक्के तौर पर नहीं हो पाई है। जांच में एक बड़ी कामयाबी तब मिली जब शवों को ठिकाने लगाने के लिए इस्तेमाल किए गए बोरों में से एक बोरा मिला।
बोरे पर लिखी बातों से पुलिस को संकेत मिला कि इसे कोयंबटूर से अट्टाप्पडी के कोट्टाथारा में एक दुकान पर दूसरे सामान के साथ लाया गया था। बोरे पर बने बैच और दूसरे निशानों की जांच की जा रही है ताकि उसके असली स्रोत का पता लगाया जा सके।
पुथुर पुलिस की ओर से इस सुराग के आधार पर विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है और अट्टाप्पडी तथा तमिलनाडु सीमा के पास थोक और खुदरा दुकानों की जांच की जा रही है। बोरे किसने खरीदे या पहुंचाए थे, इसका पता लगाने के लिए सीसीटीवी फुटेज की भी जांच की जा रही है।
भवानी नदी के किनारे चीराक्कडावु के पास दो बोरों में शव के टुकड़े भरे हुए मिले थे। मवेशी चराने गए लोगों ने बोरे को देखा और पुलिस को सूचना दी। फोरेंसिक जांच से पता चला है कि मरने वालों की मौत कम से कम चार दिन पहले हुई थी। शव बहुत ही भयानक हालत में मिले; ऐसा लगता है कि पीड़ितों की हत्या किसी धारदार हथियार से की गई थी। शवों के टुकड़ों को मोड़कर, प्लास्टिक में लपेटकर और बोरों में भरकर नदी में फेंका गया था।
पुलिस को शक है कि हत्या शायद किसी दूसरी जगह पर की गई थी और बाद में सबूत मिटाने के लिए शवों को भवानी नदी में लाकर फेंक दिया गया था। जांच के तहत, शव मिलने से पहले के दिनों में नदी के तेज बहाव की भी जांच की जा रही है। पुलिस की एक विशेष टीम की ओर से संदिग्ध प्रवासी मजदूर की तलाश तेज कर दी गई है और जांच का दायरा बंगाल तथा पड़ोसी राज्यों तक बढ़ा दिया गया है। पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही महिला और बच्चे की मौत के मामले का खुलासा हो जाएगा।
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