IRGC ने जारी किया चेतावनी, न्यूक्लियर प्लांट पर भीषण हमला
प्रारंभिक रिपोर्ट में कोई हताहत नहीं
Iran ईरान: न्यूक्लियर प्लांट पर शुक्रवार को एक भीषण हमला हुआ, जिसमें हेवी-वॉटर रिएक्टर और येलोकेक उत्पादन यूनिट को निशाना बनाया गया। ईरानी सरकारी मीडिया और फ़ार्स न्यूज एजेंसी ने दावा किया कि अमेरिकी और इजरायली कंपनियों के हमलों ने मध्य ईरान स्थित हेवी-वॉटर प्लांट को गंभीर नुकसान पहुंचाया। इस हमले के बाद ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने चेतावनी जारी की है कि अमेरिका और इजरायल के औद्योगिक केंद्रों में काम करने वाले लोग तुरंत अपने कार्यस्थल छोड़ दें।
ईरान ने कहा है कि इस हमले के जवाब में वह जवाबी कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार है। IRGC ने स्पष्ट किया कि न्यूक्लियर और औद्योगिक केंद्रों पर किसी भी प्रकार के हमले का जवाब दिया जाएगा। ईरानी अधिकारी इस हमले को “अंतरराष्ट्रीय कानून और मानवता के खिलाफ” बताया और चेताया कि इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को कहा था कि वे ईरान के अहम केंद्रों पर अगले 10 दिनों के लिए हमला रोक रहे हैं, ताकि कूटनीतिक वार्ता और बातचीत के लिए समय दिया जा सके। हालांकि, ईरानी मीडिया ने अमेरिकी और इजरायली हमलों को गंभीर करार देते हुए कहा कि न्यूक्लियर प्लांट को निशाना बनाने का उद्देश्य ईरान की परमाणु क्षमताओं को कमजोर करना है।
फार्स न्यूज एजेंसी ने बताया कि प्रभावित क्षेत्र में सुरक्षा और बचाव दल सक्रिय हैं और किसी मानव हानि की प्रारंभिक जानकारी सामने नहीं आई है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने मामले पर चिंताजनक प्रतिक्रिया व्यक्त की है और संयम बरतने की अपील की है। ईरान पर हुए इस हमले से मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह हमला वैश्विक सुरक्षा और परमाणु अस्थिरता के लिहाज से चिंता का विषय है। दुनिया की नजरें अब ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच संभावित रणनीतिक कदमों पर टिकी हैं।