पाक सेना प्रमुख सैयद असीम मुनीर अहमद शाह के खिलाफ FIR दर्ज कर सकती भारत सरकार
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New Delhi. नई दिल्ली। भारत सरकार ने पाकिस्तान के खिलाफ जिस तरीके से कड़े प्रतिबंध तत्काल लागू किए है। उसी से ये अंदाजा लगाया जा सख्त है कि भारत सरकार पाकिस्तान के खिलाफ कड़े प्रतिबंध लगाने से पीछे नहीं हटेगी। कई प्रमुख संगठनों और रिटायर्ड अधिकारियों का कहना है कि पाकिस्तानी सेना के खिलाफ नामदज FIR दर्ज करने से भारत सरकार पीछे नहीं हटना चाहिए। पाकिस्तान खैबर पख्तून और बलूचिस्तान क्षेत्रों में हाल के दिनों में पाकिस्तान सेना को भारी विरोध का सामना करना पड़ा है। जानकारी के अनुसार, इन क्षेत्रों में 10,000 से अधिक पाकिस्तानी सैनिकों ने सेना छोड़ दी है। पकिस्तान अब अपनी जनता का ध्यान बटाने के लिए पाकिस्तानी सेना आतंकवादियों के माध्यम से अमानवीय घिनौनी साजिश भारत के खिलाफ रची। इसी बीच पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल सैयद असीम मुनीर अहमद शाह पर भारत विरोधी मानसिकता और आतंकवाद को परोक्ष समर्थन देने के गंभीर आरोप लग रहे हैं। बताया जा रहा है कि लश्कर-ए-तैयबा जैसे पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठनों ने कश्मीर में बढ़ते विकास, पर्यटन और शांति से बौखलाकर एक कायराना आतंकी हमला किया है, जिसमें 26 निर्दोष नागरिकों की जान चली गई। इस हमले की निंदा भारत ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व के नेताओं और समाजों द्वारा की जा रही है। भारत सरकार इस हमले के बाद ऐसी गोपनीय फैसले लेगा। जिससे पाकिस्तान को आर्थिक और मानसिक रूप से कमजोर करने की ठान ली है ये सभी आपसी केंद्र समझौते है। पूर्व मेजर जनरल बक्शी ने कहा है कि पाकिस्तान को चुडिया पहन लेनी चाहिए।
केंद्र सरकार ने लगाए 5 कड़े प्रतिबंध
सिंधु जल समझौता रोक दिया है।
अटारी बॉर्डर से आवाजाही बंद कर दी गई है।
पाकिस्तानियों का वीजा तत्काल प्रभाव से रद्द। 48 घंटे में देश छोड़ें।
पाकिस्तान में भारतीय दूतावास बंद और भारत में भी पाकिस्तानी दूतावास बंद। 7 दिन में देश छोड़ें पाकिस्तानी राजनायिक।
किसी भी पाकिस्तानी नागरिक को अगले फैसले तक भारतीय वीजा नहीं।
भारत के साथ एकजुटता जताते हुए कई देशों ने आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कदम उठाने की बात कही है और भारत को हर संभव सहयोग देने का आश्वासन दिया है। वहीं, भारत में कई संगठनों और रिटायर्ड सैन्य अधिकारियों ने पाकिस्तानी सेना प्रमुख असीम मुनीर के खिलाफ इस आतंकी घटना के सिलसिले में एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। यह हमला भारत की संप्रभुता और अमन के माहौल पर सीधा हमला माना जा रहा है, जिसकी जवाबदेही तय करने की मांग देशभर में उठ रही है। पाकिस्तान अपनी हरकतों से अगर बाज नहीं आया तो केंद्र सरकार ने आज जो 5 प्रतिबंध लगाए उसके बाद आतंकवादी घटना की जांच के बाद पाकिस्तान सेना के जनरल सैयद असीम मुनीर अहमद शाह के खिलाफ सीधा मुकदमा 27 लोगों की हत्या का नामजद दर्ज कर सकती है। क्योंकि कई प्रमुख संगठनों और रिटायर्ड अधिकारियों की तरफ से ये मांग उठ रही है।
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम स्थित बैसरन घाटी में हुए भीषण आतंकी हमले के बाद देशभर में गहरा आक्रोश है। मंगलवार को हुए इस हमले में अब तक 27 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 20 से अधिक लोग घायल हैं। हमले के बाद बुधवार को श्रीनगर से लेकर दिल्ली तक उच्चस्तरीय बैठकों का सिलसिला जारी रहा। केंद्र सरकार ने गुरुवार को इस मसले पर सर्वदलीय बैठक बुलाने का निर्णय लिया है। हमले के वक्त बैसरन घाटी में बड़ी संख्या में पर्यटक मौजूद थे। मृतकों में उत्तर प्रदेश, गुजरात, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु और ओडिशा के पर्यटक शामिल हैं। इसके अलावा नेपाल और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के एक-एक नागरिक और दो स्थानीय लोग भी इस हमले में मारे गए हैं।
सुरक्षा और इंटेलिजेंस एजेंसियों ने इस हमले में शामिल आतंकियों के स्केच जारी कर दिए हैं। जिन आतंकियों के नाम सामने आए हैं, उनमें आसिफ फौजी, सुलेमान शाह और अबु तल्हा शामिल हैं। इंटेलिजेंस सूत्रों के अनुसार, इस हमले का मास्टरमाइंड लश्कर-ए-तैयबा का डिप्टी चीफ सैफुल्लाह खालिद है, जो इस समय पाकिस्तान में छिपा हुआ है। शुरुआती जांच से यह भी स्पष्ट हुआ है कि हमले को पांच आतंकियों ने अंजाम दिया, जिनमें दो स्थानीय और तीन पाकिस्तानी आतंकी शामिल थे। भारत सरकार इस हमले को बेहद गंभीरता से ले रही है और सभी विकल्पों पर विचार कर रही है। आतंकी संगठनों के खिलाफ कड़े कदम उठाने के संकेत भी मिल रहे हैं।