23 परिवारों के आशियाने उजड़े, खतरे की जद में 12 घर, पहाड़ी में दो चट्टानें बनी बड़ा खतरा
Hospice. धर्मशाला। प्रदेश के जिला कांगड़ा के शाहपुर उपमंडल के बोह वैली के स्पेडा और घड़घूं गांवों में बादल फटने के दो दिनों बाद भी हालात चिंताजनक बने हुए हैं। पहाड़ी पर मौजूद दो विशाल चट्टानों के नीचे लगातार मिट्टी खिसकने के कारण ग्रामीण दहशत में है। वहीं उपायुक्त कांगड़ा हेमरान बैरवा ने कहा कि मौसम खुलते ही विशेषज्ञों की मदद से खतरा बनी चट्टानों को सुरक्षित तरीके से हटाने के प्रयास किए जाएंगे। बोह में घड़घूं गांव में जो 12 परिवारों के घर थे, वे पूरी तरह से नष्ट हो गए, साथ ही स्पैडा गांव में 11 घर डैमेज हुए हैं तथा 12 घर और हैं, जिनको खतरा बना हुआ है। अब जल्द ही मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू बोह में प्रभावित परिवारों का दर्द बांटने पहुंचेंगे और बेघर लोगों को बसाने को जल्द पुन: बसाएंगे। प्रशासन की ओर से भी राहत व बचाव कार्य युद्ध स्तर पर किया जा रहा है। डीसी कांगड़ा हेमराज बैरवा ने कहा कि जिनके घर नष्ट हुए हैं, उनके लिए भूमि चिन्हित कर ली गई है। एहतियातन तौर पर दोनों गांवों के प्रभावित लोगों को राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल में लगाए गए।
अस्थायी रिलीफ कैंप में शिफ्ट किया गया है। कई लोगों ने अपने बच्चों को रिश्तेदारों के घर में भी छोड़ा है। पहाड़ी से आए मलबे लोगों के घरों का सामान व मवेशी दबे हुए हैं, वहां पर मशीन पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। मलबा हटाने के लिए मैनुअली कार्य शुरू किया गया है। प्रभावितों को तत्काल सहायता उपलब्ध करवाई गई है। लोगों को खाना बनाने के लिए बर्तन और पहनने के लिए कपड़े एकत्रित करके पहुंचा दिए हैं। पीडि़तों को विशेष सहायता के तहत उनकी हरसंभव मदद की जाएगी। डीसी ने बताया कि एसडीएम शाहपुर की ओर से बोह वैली में किन चीजों की जरूरत है, उसकी सूची तैयार की जा रही है। प्रभावितों को आपदा फंड से सहायता उपलब्ध करवाई जा रही है। क्षेत्र में करीब 38 परिवार प्रभावित हैं, जिसमें करीब 200 लोग हैं, जबकि कुछ लोग अपने रिश्तेदारों के पास भी रुके होंगे। डीसी ने कहा कि वर्ष 2023 और 2025 में जो आपदाएं आई थीं, उस दौरान ज्यादा आपदाग्रस्त क्षेत्रों में सरकार ने अलग-अलग सुविधाएं मुहैया करवाई थीं। उसी तरह की सुविधाएं बोह वैली क्षेत्र के प्रभावित क्षेत्र में भी मुहैया करवाई जाएंगी। हालांकि हार बोह पंचायत के मुख्यालय तक सडक़ ठीक कर दी गई है, जहां गाडिय़ां भी पहुंच रही हैं।