अयोध्या। राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित चोरी के मामले और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव पद से इस्तीफा देने के बाद चंपत राय एक बार फिर सक्रिय दिखाई दिए हैं। विवाद के बाद पहली बार वह तीर्थ यात्री सेवा केंद्र पहुंचे और वहां कार्यरत कर्मचारियों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। करीब एक घंटे तक सेवा केंद्र में मौजूद रहे चंपत राय ने कर्मचारियों की समस्याओं के बारे में जानकारी ली और उनसे कहा कि किसी तरह की परेशानी होने पर उन्हें बताया जाए।

चंपत राय के साथ इस दौरान ट्रस्ट के पूर्व सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा भी मौजूद रहे। दोनों ने तीर्थ यात्री सेवा केंद्र की व्यवस्थाओं को देखा और कर्मचारियों से बातचीत की। चंपत राय का यह दौरा इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि हाल के घटनाक्रम के बाद वह सार्वजनिक गतिविधियों में कम दिखाई दे रहे थे। अब उनके अचानक सेवा केंद्र पहुंचने से एक बार फिर उनकी सक्रियता को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।

तीर्थ यात्री सेवा केंद्र में चंपत राय ने करीब एक घंटे का समय बिताया। इस दौरान उन्होंने अलग-अलग कर्मचारियों से बातचीत की और उनके कामकाज के बारे में जानकारी ली। कर्मचारियों से बातचीत के दौरान उन्होंने उनकी परेशानियों और जरूरतों को जानने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि कामकाज के दौरान किसी प्रकार की समस्या सामने आती है तो इसकी जानकारी उन्हें दी जाए।

चंपत राय की यह गतिविधि ऐसे समय सामने आई है जब श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की प्रशासनिक व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव हुए हैं। ट्रस्ट को नया महासचिव मिलने के साथ ही पहला मुख्य कार्यकारी अधिकारी यानी सीईओ भी नियुक्त किया जा चुका है। ऐसे में पूर्व महासचिव चंपत राय की दोबारा सक्रियता ने कई तरह की चर्चाओं को जन्म दिया है।

राम मंदिर से जुड़े चढ़ावे की कथित चोरी का मामला सामने आने के बाद ट्रस्ट की व्यवस्थाओं और जिम्मेदारियों को लेकर सवाल उठे थे। इसी घटनाक्रम के बाद चंपत राय ने महासचिव पद से इस्तीफा दिया था। इसके बाद ट्रस्ट के संगठनात्मक ढांचे में बदलाव की प्रक्रिया आगे बढ़ी और नई जिम्मेदारियां तय की गईं। अब सेवा केंद्र में चंपत राय की मौजूदगी को उनके दोबारा सक्रिय होने के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।

हालांकि सेवा केंद्र का उनका यह दौरा किसी औपचारिक प्रशासनिक बैठक के बजाय कर्मचारियों से संवाद और व्यवस्थाओं की जानकारी लेने तक केंद्रित बताया जा रहा है। इस दौरान उनके साथ डॉ. अनिल मिश्रा की मौजूदगी भी चर्चा में रही। चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा लंबे समय तक राम मंदिर से जुड़ी गतिविधियों और व्यवस्थाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं।

अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण और इसके बाद श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने के साथ तीर्थ यात्रियों से जुड़ी सुविधाओं का महत्व भी बढ़ गया है। बड़ी संख्या में देश-विदेश से श्रद्धालु रामलला के दर्शन के लिए अयोध्या पहुंचते हैं। ऐसे में तीर्थ यात्री सेवा केंद्र श्रद्धालुओं की सुविधाओं से जुड़ी व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यहां काम करने वाले कर्मचारियों से सीधे संवाद कर चंपत राय ने उनकी समस्याओं और व्यवस्थाओं को समझने की कोशिश की।

उनका कर्मचारियों से यह कहना कि किसी तरह की परेशानी हो तो उन्हें बताया जाए, भी चर्चा का विषय बना हुआ है। महासचिव पद छोड़ने और ट्रस्ट में नई प्रशासनिक व्यवस्था लागू होने के बाद उनका इस तरह कर्मचारियों से संपर्क करना कई सवाल भी खड़े कर रहा है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि आने वाले दिनों में चंपत राय की सक्रियता किस स्वरूप में दिखाई देगी।

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में हुए बदलाव के बाद नए पदाधिकारियों के सामने राम मंदिर परिसर की व्यवस्थाओं को और मजबूत करने की जिम्मेदारी है। श्रद्धालुओं की सुविधाओं, मंदिर की सुरक्षा, चढ़ावे और दान से जुड़ी व्यवस्था तथा प्रशासनिक पारदर्शिता जैसे विषय महत्वपूर्ण बने हुए हैं। ऐसे में पुराने पदाधिकारियों और नए प्रशासन के बीच जिम्मेदारियों का स्वरूप भी लोगों की दिलचस्पी का विषय बना हुआ है।

चंपत राय लंबे समय से राम मंदिर आंदोलन और मंदिर निर्माण की प्रक्रिया से जुड़े प्रमुख चेहरों में रहे हैं। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के गठन के बाद महासचिव के तौर पर भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। मंदिर निर्माण से लेकर श्रद्धालुओं की सुविधाओं और ट्रस्ट के कामकाज से संबंधित कई गतिविधियों में वह सक्रिय दिखाई देते रहे हैं। यही कारण है कि पद से इस्तीफे के बाद उनकी गतिविधियों पर भी लगातार नजर बनी हुई है।

चढ़ावा चोरी से जुड़े विवाद के बाद उनके सार्वजनिक रूप से सेवा केंद्र पहुंचने को महत्वपूर्ण घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि इस दौरे के दौरान उन्होंने विवाद या ट्रस्ट में हुए हालिया बदलावों को लेकर कोई बड़ा सार्वजनिक बयान नहीं दिया। उनका पूरा ध्यान कर्मचारियों से बातचीत और उनकी समस्याएं जानने पर रहा।

अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि तीर्थ यात्री सेवा केंद्र का यह दौरा केवल कर्मचारियों से सामान्य मुलाकात तक सीमित रहता है या आने वाले दिनों में चंपत राय राम मंदिर और श्रद्धालुओं से जुड़ी अन्य गतिविधियों में भी सक्रिय नजर आते हैं। ट्रस्ट में नया महासचिव और पहला सीईओ आने के बाद उनकी भूमिका क्या होगी, इसे लेकर भी लोगों की दिलचस्पी बनी हुई है।

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