गृह मंत्री: सहकारिता से सशक्त किसान, मिसाल बना Indian Farmers Fertiliser Cooperative Limited
करोड़ों किसानों को मिलता सीधा लाभ
Delhi दिल्ली: देश की प्रमुख सहकारी संस्था Indian Farmers Fertiliser Cooperative Limited को किसानों की भागीदारी और सहकारिता के सफल मॉडल के रूप में देखा जाता है। संस्था से जुड़े प्रतिनिधियों ने कहा कि इफको जो भी कमाई करता है, उसका सीधा लाभ देश के करीब 5 करोड़ किसानों तक पहुंचता है। इफको की खास बात यह है कि यह एक सहकारी संस्था है, जिसका असली मालिक कोई कॉरपोरेट समूह या निजी कंपनी नहीं, बल्कि देश के किसान हैं। संस्था के अधिकारियों का कहना है कि इफको का कार्यालय देश के किसी भी शहर में हो सकता है, लेकिन इसके वास्तविक मालिक भारत के किसान ही हैं।
बताया गया कि इफको की स्थापना किसानों को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई थी। समय के साथ संस्था ने उर्वरक उत्पादन, कृषि सेवाओं और किसानों के हित में कई योजनाओं के जरिए अपनी पहुंच देशभर में मजबूत की है। आज यह दुनिया की सबसे बड़ी सहकारी उर्वरक संस्थाओं में से एक मानी जाती है। विशेषज्ञों के अनुसार इफको का सहकारिता मॉडल किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। संस्था की आय का लाभ किसानों तक विभिन्न योजनाओं, सेवाओं और सहकारी नेटवर्क के माध्यम से पहुंचाया जाता है।
कृषि क्षेत्र से जुड़े जानकारों का कहना है कि सहकारी संस्थाएं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का प्रभावी माध्यम हैं। इफको का मॉडल यह दिखाता है कि यदि किसान संगठित होकर काम करें तो वे न केवल अपने हितों की रक्षा कर सकते हैं, बल्कि देश की कृषि अर्थव्यवस्था को भी नई दिशा दे सकते हैं। इफको से जुड़े पदाधिकारियों का कहना है कि संस्था का मुख्य उद्देश्य किसानों के हितों की रक्षा करना और कृषि क्षेत्र के सतत विकास में योगदान देना है, ताकि देश के करोड़ों किसानों को इसका लाभ मिल सके।