Punjab पंजाब। पंजाब के संगरूर जिले में खुलेआम नशा बिक्री का मुद्दा उठाने वाले एक व्यक्ति के कथित तौर पर जहरीला पदार्थ खाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि गांव के सरपंच और पंच ने उसे माफी मांगने के लिए दबाव बनाया, जिसके बाद उसने आत्महत्या की कोशिश की। पुलिस मामले की जांच कर रही है। जानकारी के मुताबिक, मामला तूर वंझारा गांव का है। बताया जा रहा है कि व्यक्ति ने पंजाब के मंत्री हरपाल चीमा के सामने गांव में खुलेआम नशीले पदार्थों की बिक्री का मुद्दा उठाया था। उसने आरोप लगाया था कि गांव में चिट्टा (हेरोइन) बेचा जा रहा है और उसका बेटा भी इसकी लत का शिकार हो गया है।
इसके बाद व्यक्ति पर कथित रूप से गांव के सरपंच और पंच की ओर से माफी मांगने का दबाव बनाया गया। आरोप है कि इसी तनाव के चलते उसने जहरीला पदार्थ खाकर जान देने की कोशिश की। घटना के बाद उसे इलाज के लिए संगरूर सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालत गंभीर होने पर उसे पटियाला के राजिंद्रा अस्पताल रेफर किया गया, लेकिन वहां वेंटिलेटर की कमी के कारण उसे वापस संगरूर के एक निजी अस्पताल में लाया गया।
मामले को लेकर संगरूर की डीएसपी रूपिंदर कौर बाजवा ने कहा कि सभी तथ्यों की जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि जहां भी सच्चाई सामने आएगी, उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी। डीएसपी ने इस मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि नशे की समस्या को खत्म करने के लिए समाज, अभिभावकों, शिक्षकों, पुलिस और प्रशासन सभी को अपनी भूमिका निभानी होगी। उन्होंने कहा कि सभी के सहयोग से ही इस समस्या पर नियंत्रण पाया जा सकता है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि व्यक्ति पर दबाव बनाने के आरोपों में कितनी सच्चाई है और आगे क्या कार्रवाई की जाएगी।
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