अहमदाबाद: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 8 सितंबर को वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (WDFC) के तीन अहम सेक्शन देश को समर्पित करेंगे। यह भारत के डेडिकेटेड फ्रेट इंफ्रास्ट्रक्चर के एक बड़े चरण के पूरा होने का प्रतीक है।ये तीन सेक्शन - साणंद (नॉर्थ)-मकरपुरा, न्यू उमरगांव-न्यू सफाले और न्यू सफाले-जवाहरलाल नेहरू पोर्ट टर्मिनल (JNPT) - कुल मिलाकर 326 रूट किलोमीटर में फैले हैं और इन्हें 20,700 करोड़ रुपये से ज़्यादा की लागत से तैयार किया गया है।इन सेक्शन के पूरा होने के साथ ही, JNPT और दादरी के बीच पूरा वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर बनकर तैयार हो गया है। लुधियाना से सोननगर तक ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का काम भी पूरा हो चुका है।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि ईस्टर्न और वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर मिलकर भारत के ट्रांसपोर्टेशन और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क की मुख्य रीढ़ बनाते हैं। उन्होंने कहा कि 2014 से पहले इस प्रोजेक्ट पर ज़मीनी काम पूरा नहीं हुआ था और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, लंबे समय से लंबित चुनौतियों और अलग-अलग सेक्शन से जुड़ी समस्याओं को हल करके इस पहल को आगे बढ़ाया गया।
प्रधानमंत्री वडोदरा और रतलाम के बीच तीसरी और चौथी रेलवे लाइन की आधारशिला भी रखेंगे।
डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के पूरा होने से भारत का माल ढुलाई (फ्रेट ट्रांसपोर्टेशन) और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क मज़बूत होने की उम्मीद है। इससे कार्यक्षमता बेहतर होगी, क्षमता बढ़ेगी और देश भर में सामान की तेज़ी से आवाजाही संभव हो सकेगी।
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