Uttar Pradesh उत्तर प्रदेश : महोबा जिले के पवा गांव में 45 वर्षीय रामेश्वर नामक किसान ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। रामेश्वर अनुसूचित जाति से थे और दो बीघा जमीन की खेती कर परिवार का पालन-पोषण कर रहे थे। परिवार का आरोप है कि रामेश्वर कई दिन तक सहकारी समिति से खाद लेने गए, लेकिन उन्हें खाद नहीं दी गई।
साथ ही, समिति के सचिव अच्छेलाल सेन ने उनसे जातिसूचक शब्दों में अपमान किया। अपमान और खाद न मिलने से आहत होकर रामेश्वर ने घर लौटकर परिवार को अपनी परेशानी बताई, लेकिन गहरे सदमे में उन्होंने अपने कमरे में फांसी लगाकर जान दे दी। घटना के समय उनकी पत्नी खाना बनाने के लिए छत पर थीं और बेटा बाहर गया हुआ था।
इस आत्महत्या से छह सदस्यीय परिवार बेसहारा हो गया। मृतक के चार बेटियाँ शादीशुदा हैं और दो बेटे पढ़ाई कर रहे हैं। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। समिति सचिव अच्छेलाल सेन ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि रामेश्वर सोसाइटी में खाद लेने नहीं आया था और केवल रजिस्टर्ड किसानों को ही खाद दी गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है।