Telangana तेलंगाना: दिंडीगुल के पलानी रोड पर स्थित श्री सत्या शुभा अस्पताल में आग लगने की घटना ने शहर में अफरा-तफरी मचा दी। स्थानीय समयानुसार सुबह के शुरुआती घंटों में आग की लपटें उठती देख कर्मचारी और मरीजों में हड़कंप मच गया। अधिकारियों के मुताबिक, आग की सूचना मिलने के तुरंत बाद फायर ब्रिगेड और पुलिस बल घटनास्थल पर पहुंचे और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। प्रारंभिक रिपोर्ट में कहा गया है कि आग की शुरुआत अस्पताल के इलेक्ट्रिकल रूम से हुई हो सकती है, लेकिन जांच जारी है।
अस्पताल में मौजूद मरीजों और कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए आपातकालीन निकासी योजना लागू की गई। फायर विभाग और स्थानीय प्रशासन की तत्परता के कारण किसी भी तरह की जान-माल की बड़ी क्षति होने से बचा जा सका। हालांकि, आग की वजह से अस्पताल में कुछ संपत्ति और उपकरणों को नुकसान पहुंचा है। स्थानीय प्रशासन ने कहा कि घटना की पूरी जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अस्पतालों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर फायर सुरक्षा उपायों को सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आग लगते ही अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई और लोगों ने धुआं उठता देख तत्काल बाहर निकलने की कोशिश की। प्रशासन और फायर विभाग की त्वरित प्रतिक्रिया ने मरीजों और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित की। विशेषज्ञों के अनुसार, अस्पतालों में सुरक्षा उपायों और नियमित जांच बेहद महत्वपूर्ण हैं ताकि इस प्रकार की घटनाओं को रोका जा सके। इलेक्ट्रिकल उपकरणों की जांच और फायर सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता जीवन और संपत्ति की सुरक्षा के लिए अनिवार्य है।
अस्पताल प्रशासन ने बताया कि उन्होंने प्रभावित मरीजों को अन्य नज़दीकी अस्पतालों में शिफ्ट कर दिया है और आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं जारी रखी जाएंगी। वहीं, राज्य सरकार ने भी घटना पर संज्ञान लिया और प्रभावित लोगों के लिए सहायता का आश्वासन दिया। दिंडीगुल में यह घटना अस्पताल सुरक्षा और आपातकालीन तैयारियों के महत्व को उजागर करती है और भविष्य में ऐसे हादसों से बचने के लिए कड़े कदम उठाने की आवश्यकता को रेखांकित करती है।