इंदौर में किसानों का इंदौर-मनमाड़ रेल लाइन और ईस्टर्न रिंग रोड के खिलाफ हल्लाबोल

Update: 2026-06-01 17:12 GMT

Indore इंदौर | इंदौर में सोमवार को जमीन अधिग्रहण के विरोध में किसानों का बड़ा आंदोलन देखने को मिला। एनएचएआई की प्रस्तावित ईस्टर्न रिंग रोड परियोजना और इंदौर-मनमाड़ रेल लाइन के लिए की जा रही जमीन अधिग्रहण प्रक्रिया के खिलाफ बड़ी संख्या में किसान कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर जुटे और अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। पूरे दिन कलेक्ट्रेट परिसर में विरोध और नारों के बीच माहौल तनावपूर्ण बना रहा।

सुबह से ही खंडवा रोड और आसपास के गांवों से किसान कलेक्ट्रेट पहुंचने लगे थे। बड़ी संख्या में पहुंचे किसानों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगें रखीं। किसानों का कहना था कि विकास परियोजनाओं के नाम पर उनकी उपजाऊ कृषि भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है, जिससे उनकी आजीविका पर गंभीर असर पड़ेगा। प्रदर्शनकारियों ने “उपजाऊ जमीन बचाओ” और “किसानों की जमीन अधिग्रहण बंद करो” जैसे नारे लिखी तख्तियां भी लेकर विरोध दर्ज कराया।
किसानों ने धरना स्थल पर अस्थायी व्यवस्था भी कर रखी थी और कई किसान गैस चूल्हा, सिलेंडर और अन्य सामान लेकर पहुंचे थे, जिससे यह आंदोलन पूरी तरह लंबा चलने की तैयारी में दिखाई दिया। प्रदर्शन के दौरान भीषण गर्मी और उमस के कारण दो किसानों की तबीयत बिगड़ गई, जिन्हें एंबुलेंस से अस्पताल भेजा गया।
स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने कलेक्ट्रेट परिसर में सुरक्षा बढ़ा दी और कई प्रवेश द्वारों को बंद कर दिया गया, जिससे आम लोगों को भी असुविधा का सामना करना पड़ा। हालांकि, बाद में प्रशासन और किसानों के बीच बातचीत का रास्ता खुला।
शाम करीब चार बजे किसानों के 12 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर शिवम वर्मा से मुलाकात की। बैठक में परियोजनाओं और किसानों की आपत्तियों पर विस्तृत चर्चा की गई। दोनों पक्षों के बीच यह सहमति बनी कि अगले 20 दिनों तक इन मुद्दों पर विचार किया जाएगा और उसके बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
चर्चा के बाद किसानों ने शाम करीब पांच बजे अपना आंदोलन 20 दिनों के लिए स्थगित करने की घोषणा कर दी। हालांकि किसानों ने साफ कहा कि यदि उनकी मांगों पर संतोषजनक समाधान नहीं निकला, तो वे फिर से बड़े स्तर पर आंदोलन करेंगे।
किसानों के अनुसार प्रस्तावित ईस्टर्न रिंग रोड और इंदौर-मनमाड़ रेल लाइन परियोजना से इंदौर और देवास जिले के लगभग दो हजार किसान प्रभावित हो रहे हैं। ईस्टर्न रिंग रोड के लिए करीब 44 गांवों की 820 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित किए जाने की योजना है, जिससे लगभग 1200 किसान प्रभावित होंगे। वहीं रेल परियोजना के लिए 18 गांवों के 923 किसानों की लगभग 500 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण प्रस्तावित है।
Tags:    

Similar News