परिवार के पीछे पड़ा सांप! बार-बार हमले से दहशत में लोग, वन विभाग से लगाई गुहार
उत्तर प्रदेश : बागपत जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक सांप लगातार एक ही परिवार के सदस्यों को अपना निशाना बना रहा है। बार-बार हो रहे सांप के हमलों से परिवार में दहशत का माहौल है। हालत यह है कि परिवार के लोग घर के अंदर जाने से भी डरने लगे हैं। बताया जा रहा है कि पिछले एक महीने में एक ही सांप ने परिवार के भाई-बहन को कई बार डस लिया है।
मामला बिनौली थाना क्षेत्र का है। यहां रहने वाले विनोद वाल्मीकि के परिवार पर इन दिनों सांप का खतरा मंडरा रहा है। रविवार को उनकी बेटी खुशी घर के अंदर काम कर रही थी, तभी अचानक एक सांप ने उसके पैर में डस लिया। सांप के काटते ही युवती ने शोर मचाया, जिसके बाद परिवार के लोग मौके पर पहुंचे और उसे तुरंत इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) बिनौली लेकर गए।
सीएचसी में चिकित्सकों ने युवती का प्राथमिक उपचार किया, लेकिन हालत को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए मेरठ मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। परिजनों के अनुसार, यह पहली बार नहीं है जब खुशी सांप के हमले का शिकार हुई है। इससे पहले भी 22 जुलाई को सांप ने उसे डस लिया था। रविवार को हुई घटना के साथ ही यह तीसरी बार है जब युवती को उसी तरह के हमले का सामना करना पड़ा है।
परिवार के लोगों ने बताया कि खुशी का भाई राजा भी सांप के आतंक से बच नहीं पाया है। पिछले एक महीने में राजा को भी चार बार सांप डस चुका है। हर बार सांप के काटने के बाद परिवार के लोग उसे ढूंढने की कोशिश करते हैं, लेकिन वह कहीं नजर नहीं आता। लगातार हो रही इन घटनाओं के कारण पूरे परिवार में डर का माहौल बना हुआ है।
परिजनों का कहना है कि सांप के बार-बार घर में आने से उनका सामान्य जीवन प्रभावित हो गया है। परिवार के सदस्य घर के कमरों में जाने और सामान रखने से भी डर रहे हैं। उन्होंने वन विभाग और प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द सांप को पकड़कर परिवार को इस खतरे से राहत दिलाई जाए।
वहीं, स्वास्थ्य विभाग की ओर से मामले को लेकर जानकारी दी गई है। बिनौली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. अमित गुप्ता ने बताया कि प्राथमिक जांच में ऐसा लग रहा है कि सांप जहरीला नहीं था। उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम में सांपों का घरों में निकलना आम बात हो जाती है। उन्होंने इसके पीछे आसपास के वातावरण को भी जिम्मेदार बताया।
डॉ. गुप्ता के अनुसार, परिवार के घर के पास खाली पड़ा मकान, वहां जमा गंदगी और झाड़ियां तथा नजदीक मौजूद तालाब सांपों के छिपने के लिए अनुकूल जगह बन जाते हैं। ऐसे स्थानों के कारण सांप अक्सर आबादी वाले इलाकों में पहुंच जाते हैं।
इसी बीच पड़ोसी जिले बिजनौर से भी सांप से जुड़ा एक मामला सामने आया है। यहां मोहल्ला जोशियान निवासी राजू जोशी के घर के बाथरूम में एक सांप दिखाई दिया। महिला ने जैसे ही सांप को देखा, उसने शोर मचा दिया। आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और सांप को पकड़ने का प्रयास किया।
स्थानीय लोगों कुणाल जोशी, सोनू जोशी और अभिषेक जोशी ने मिलकर सांप को सुरक्षित तरीके से पकड़ लिया। बाद में उसे जंगल क्षेत्र में छोड़ दिया गया। सामाजिक वानिकी विभाग के दरोगा विकास कुमार ने बताया कि बारिश के मौसम में जहरीले और अन्य प्रजातियों के सांप अक्सर जंगलों से निकलकर घरों और आसपास के इलाकों में पहुंच जाते हैं।
उन्होंने लोगों से अपील की कि घर के आसपास साफ-सफाई रखें, झाड़ियों और कबाड़ को हटाएं तथा सांप दिखाई देने पर खुद पकड़ने की कोशिश न करें। किसी भी आपात स्थिति में तुरंत वन विभाग या स्थानीय प्रशासन को सूचना दें। बागपत की इस घटना ने एक बार फिर बरसात के मौसम में बढ़ते सांपों के खतरे को लेकर लोगों को सतर्क कर दिया है।