हिमाचल में मक्की पर फॉल आर्मी वर्म का हमला, 19 हजार हेक्टेयर क्षेत्र चपेट में

Update: 2026-07-20 10:58 GMT
शिमला। हिमाचल प्रदेश में खरीफ सीजन की सबसे महत्त्वपूर्ण फसल मक्की पर इस वर्ष अब तक का सबसे बड़ा कीट हमला दर्ज किया गया है। प्रदेश के दस जिलों में फॉल आर्मी वर्म ने 19,028 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में मक्की की फसल को अपनी चपेट में ले लिया है। कृषि विभाग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार राज्य में बोई गई 2,54,104 हेक्टेयर मक्की में से 7.48 प्रतिशत क्षेत्र संक्रमित हो चुका है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते इस कीट पर प्रभावी नियंत्रण नहीं पाया गया तो इसका असर केवल किसानों की आय तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि प्रदेश के 6.90 लाख मीट्रिक टन मक्की उत्पादन लक्ष्य, पशुपालन, पोल्ट्री फीड उद्योग और उत्तर भारत की खाद्य श्रृंखला तक महसूस किया जा सकता है। हिमाचल में उत्पादित मक्की का बड़ा हिस्सा हर वर्ष पंजाब और हरियाणा भेजा जाता है, जहां इसका उपयोग पोल्ट्री फीड और पशु आहार उद्योग में बड़े पैमाने पर किया जाता है।

कृषि सचिव सी. पालरासू ने कहा कि प्रदेश में फॉल आर्मी वर्म के प्रकोप पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। प्रभावित क्षेत्रों में किसानों को जागरूक करने के लिए शिविर लगाए जा रहे हैं । किसानों को वैज्ञानिक सलाह के अनुसार समय पर दवा का छिडक़ाव करने और खेतों की नियमित निगरानी रखने की सलाह दी गई है। कृषि विशेषज्ञ रामकृष्ण चौहान के अनुसार जून में सामान्य से कम बारिश और 35 से 38 डिग्री सेल्सियस तापमान ने फॉल आर्मी वर्म के तेजी से फैलने के लिए अनुकूल परिस्थितियां तैयार की हैं। कृषि विभाग की रिपोर्ट के अनुसार सबसे अधिक प्रभावित जिले ऊना और कांगड़ा हैं। ऊना में 30,451 हेक्टेयर में बोई गई मक्की में से 4,561 हेक्टेयर (करीब 15 प्रतिशत) क्षेत्र प्रभावित हो चुका है, जबकि कांगड़ा में 46,393 हेक्टेयर में से 4,175 हेक्टेयर (करीब 9 प्रतिशत) फसल कीट की चपेट में है। मंडी में 3,135 हेक्टेयर, सोलन में 1,980 हेक्टेयर, हमीरपुर में 1,970 हेक्टेयर, सिरमौर में 1,417 हेक्टेयर तथा बिलासपुर में 1,205 हेक्टेयर क्षेत्र प्रभावित हो चुका है।
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