अमरावती। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने मंगलवार को अमरावती राजधानी क्षेत्र में चल रहे निर्माण कार्यों की समीक्षा की और संबंधित एजेंसियों को काम की रफ्तार तेज  करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राजधानी निर्माण से जुड़ी परियोजनाओं में देरी स्वीकार नहीं की जाएगी और हर महीने करीब 2,000 करोड़ रुपये मूल्य के कार्यों को आगे बढ़ाने का लक्ष्य रखा जाए।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने राजधानी क्षेत्र में चल रहे प्रमुख अवसंरचना कार्यों, सरकारी भवनों, सड़कों और अन्य परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने एजेंसियों से कहा कि तय समयसीमा का पालन करते हुए गुणवत्ता से कोई समझौता न किया जाए। इससे पहले भी नायडू अधिकारियों और ठेकेदार एजेंसियों को समयबद्ध तरीके से काम पूरा करने और मानव संसाधन तथा मशीनरी बढ़ाने के निर्देश दे चुके हैं।
मुख्यमंत्री ने अमरावती आउटर रिंग रोड परियोजना की प्रगति तेज करने पर भी जोर दिया। करीब 190 किलोमीटर लंबी प्रस्तावित आउटर रिंग रोड को चार निर्माण पैकेज में विकसित करने की योजना है। यह सड़क अमरावती, विजयवाड़ा, गुंटूर और आसपास के क्षेत्रों की कनेक्टिविटी बेहतर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
समीक्षा बैठक में विधानसभा, सचिवालय और अन्य प्रतिष्ठित सरकारी भवनों की प्रगति पर भी चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये इमारतें केवल प्रशासनिक भवन नहीं होंगी, बल्कि अमरावती की नई पहचान भी बनेंगी। सरकार पहले भी सचिवालय, विधानसभा और अन्य आइकॉनिक भवनों के लिए बड़े निवेश को मंजूरी दे चुकी है।
चंद्रबाबू नायडू ने निर्माण एजेंसियों को निर्देश दिया कि सभी परियोजनाओं में उच्च गुणवत्ता वाले निर्माण मानकों का पालन किया जाए। उन्होंने कहा कि कार्यों की नियमित निगरानी हो और जहां जरूरत हो वहां श्रमिक, मशीनरी और निर्माण सामग्री की उपलब्धता बढ़ाई जाए।
मुख्यमंत्री ने निर्माण क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों के कौशल विकास पर भी जोर दिया। उनका कहना है कि स्थानीय श्रमिकों को आधुनिक निर्माण तकनीकों में प्रशिक्षित करने से परियोजनाओं की गुणवत्ता और गति दोनों बेहतर होंगी। इससे पहले भी उन्होंने स्थानीय कुशल मानव संसाधन के अधिकतम उपयोग की बात कही थी।
अमरावती में हजारों करोड़ रुपये के विकास कार्य पहले से प्रगति पर हैं। सरकार का लक्ष्य राजधानी को आधुनिक, सुव्यवस्थित और विश्वस्तरीय शहर के रूप में विकसित करना है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि काम की गति बढ़ाने के साथ-साथ समयसीमा, गुणवत्ता और लागत नियंत्रण पर भी लगातार नजर रखी जाए।
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