Shimla. शिमला। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस सरकार को स्थानीय निकाय और पंचायती राज चुनावों में होने वाले हश्र का पता था, इसी कारण कांग्रेस नेता चुनाव से भाग रहे थे। जितना हो सका, मुख्यमंत्री ने चुनाव टालने की कोशिश की, लेकिन उनकी एक भी चाल कामयाब नहीं हुई और सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर चुनाव करवाने पड़े। चुनाव के दौरान भी उन्होंने आदर्श चुनाव संहिता की धज्जियां उड़ाने की पूरी कोशिश की। मतदाताओं को लुभाने के हरसंभव प्रयास किए, लेकिन झूठ बेनकाब हो गया। चुनाव के परिणाम पूरे प्रदेश के सामने हैं। मुख्यमंत्री से लेकर उपमुख्यमंत्री और मंत्री तक अपने हलके, अपनी पंचायत, अपने इलाके तक में जनता द्वारा नकार दिए गए।
जिला पंचायत के चुनाव में मुख्यमंत्री के अपने विधानसभा क्षेत्र में भाजपा प्रत्याशियों ने कांग्रेस से ज्यादा वोट लिए। पूरे प्रदेश में इसी तरह की स्थिति रही। नगर निगम में भाजपा का वर्चस्व रहा। जिला पंचायत और ब्लॉक समिति के चुनाव में भी भाजपा समर्थित प्रत्याशियों को प्रदेश के लोगों ने आशीर्वाद और वोट दिए। प्रदेश के लोगों ने स्थानीय निकाय और पंचायती राज चुनाव में भाजपा समर्थित प्रत्याशियों को 60 प्रतिशत से अधिक वोट देकर कांग्रेस का सूपड़ा साफ कर दिया। जयराम ठाकुर ने फिर से कार्यवाहक मुख्य सचिव की नियुक्ति पर सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर मुख्यमंत्री में इतनी असुरक्षा और अविश्वास की भावना क्यों घर कर गई है? प्रदेश में स्थायी मुख्य सचिव की नियुक्ति से वह क्यों कतरा रहे हैं?