Patna पटना। बिहार में बाढ़ की स्थिति के बीच केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने शनिवार को प्रभावित इलाकों का दौरा किया और ग्रामीणों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने बाढ़ प्रभावित परिवारों के साथ-साथ विस्थापित लोगों से भी मुलाकात की और हालात का जायजा लिया। चिराग पासवान ने कहा कि बाढ़ जैसी स्थिति बेहद चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा के कारण लोगों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। प्रभावित परिवारों की मुश्किलों को समझना और उन्हें हर संभव सहायता उपलब्ध कराना जरूरी है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उन्होंने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जाकर लोगों की स्थिति देखी है। उन्होंने बताया कि कई परिवारों को अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा है। ऐसे समय में प्रशासन और सरकार की जिम्मेदारी बढ़ जाती है। चिराग पासवान ने बिहार में हर साल आने वाली बाढ़ की समस्या पर भी बात की। उन्होंने कहा कि यह केवल तत्काल राहत और बचाव का विषय नहीं है, बल्कि इसके स्थायी समाधान की जरूरत है।
तेजस्वी यादव के बाढ़ को लेकर दिए गए बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए चिराग पासवान ने कहा कि समस्या केवल तैयारी तक सीमित नहीं है। उन्होंने कहा कि दुर्भाग्य से बिहार में हर साल बाढ़ की स्थिति बनती है और इसका स्थायी समाधान निकालना जरूरी है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार और राज्य सरकार मिलकर इस दिशा में काम कर रही हैं। चिराग ने कहा कि बिहार में डबल इंजन की सरकार है और दोनों सरकारें मिलकर राज्य के विकास और समस्याओं के समाधान के लिए प्रयास कर रही हैं।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बाढ़ जैसी आपदाओं से निपटने के लिए दीर्घकालिक योजनाओं की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि केवल राहत सामग्री पहुंचाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि ऐसी व्यवस्था करनी होगी जिससे हर साल होने वाले नुकसान को कम किया जा सके। बिहार में बाढ़ लंबे समय से बड़ी चुनौती बनी हुई है। मानसून के दौरान नदियों का जलस्तर बढ़ने से कई जिलों में जनजीवन प्रभावित होता है। लोगों को घर, खेती और रोजगार से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
चिराग पासवान ने कहा कि सरकार प्रभावित लोगों की मदद के लिए प्रतिबद्ध है और राहत कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को भी प्रभावित क्षेत्रों में जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित लोगों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाएगा और भविष्य में ऐसी परिस्थितियों से निपटने के लिए मजबूत योजना तैयार की जाएगी।