नई दिल्ली: साइबर ठगी का एक नया केस सामने आया है, जहां एक शख्स को मोबाइस से दवा ऑर्डर करना भारी पड़ गया. साइबर ठगी के इस केस में विक्टिम को डराया, धमकाया और बैंक खाते से रुपये उड़ा लिए. हालांकि अभी पुलिस ने दिल्ली से तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है.
हरियाणा पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है. इन्होंने फेक दिल्ली पुलिसवाले बनकर एक शख्स के साथ साइबर ठगी की है. ये जानकारी पुलिस ने सोमवार को शेयर की है. हरियाणा पुलिस के असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर सुरेंदर सिंह ने बताया है कि 4 अक्तूबर को साइबर पुलिस स्टेशन में एक कंप्लेंट रिसीव हुई. ये कंप्लेंट नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCCRP) की तरफ से शेयर की गई और इसमें 2.20 लाख रुपये की ठगी की जानकारी दी गई.
शिकायतकर्ता ने बताया है कि सोशल मीडिया पर उन्होंने एक विज्ञापन देखा. उन्होंने उस प्रोडक्ट को ऑनलाइन ऑर्डर कर दिया और फिर वापस भी कर दिया. इस दौरान सब कुछ ठीक चल रहा था. इसके बाद 9 सितंबर को अनजान नंबर से एक कॉल आती है. कॉल करने वाला शख्स खुद को दिल्ली पुलिस का ऑफिसर बताता है. वह आरोप लगाता है कि विक्टिम दवा को लेकर गलत जानकारी फैला रहा है.
कॉल करने वाले शख्स ने बताया कि डॉक्टर ने उसके खिलाफ कंप्लेंट दर्ज कराई है. इसके बाद विक्टिम घबरा गए. फिर विक्टिम के साथ 2.20 लाख रुपये की ठगी हुई है, जो उन्होंने गूगल पे के जरिए ट्रांसफर कर दिए.
पुलिस ने कंप्लेंट पर जांच शुरू की. इसके बाद टेक्निकल इनवेस्टीगेशन और बैंक अकाउंट की इंफोर्मेशन के आधार पर जांच शुरू की. इसके बाद हरियाणा पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया. आरोपियों की पहचान गगनपाल, सतेंदर, और योगेशन के रूप में हुई है. पुलिस ने बताया बताया कि योगेश ने शिकायतकर्ता को कॉल किया था और खुद को दिल्ली पुलिस ऑफिसर बताया. इसके बाद गगनपाल और सतेंदर ने अपने बैंक अकाउंट में रुपये ट्रांसफर किए. पुलिस ने तीन मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं.
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