भाजपा नेता बोले, 'आतंक के खिलाफ आगे बढ़ रही सरकार, पाक को मिलेगा जवाब'

Update: 2025-04-24 11:14 GMT
नई दिल्ली: पहलगाम आतंकी हमले को लेकर देशभर में आक्रोश है। 26 बेगुनाहों की निर्मम हत्या से आहत लोग सख्त कार्रवाई की अपेक्षा कर रहे थे। इस बीच, केंद्र सरकार ने कुछ ऐसे फैसले लिए जिससे पाकिस्तान को बड़ा नुकसान होना तय माना जा रहा है। पूर्व केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी और हरियाणा सरकार में मंत्री अरविंद शर्मा ने सरकार के इस कदम को सराहा है।
मुख्तार अब्बास नकवी ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि सरकार आतंकवादियों और उनके आकाओं को तहस-नहस करने की दिशा में पूरी मजबूती के साथ आगे बढ़ रही है। दहशतगर्दी के दरिंदों और उनके संरक्षकों को अब कड़ा सबक मिलेगा। सिंधु जल समझौता हो, अटारी बॉर्डर बंद करना हो या भारत में रह रहे पाकिस्तानी नागरिकों को वापस भेजने की बात हो, सरकार हर मोर्चे पर ठोस कदम उठा रही है।
नकवी ने कहा कि कश्मीर घाटी में पहली बार मस्जिदों, चौपालों और लाल चौक जैसे प्रमुख स्थानों से आतंकवाद के खिलाफ आवाज उठ रही है, जो इस बात का प्रतीक है कि घाटी की जनता अब आतंक और अलगाववाद से ऊब चुकी है। घाटी में आतंक के खिलाफ बगावत के सुर उठ रहे हैं। यह पहली बार है जब लोग खुलकर आतंकियों के खिलाफ खड़े हो रहे हैं, जो सुखद संकेत है।
वहीं, हरियाणा सरकार में कैबिनेट मंत्री अरविंद शर्मा ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि पाकिस्तान ने फिर एक बार कायराना हरकत की है, जिसकी पूरे देश और विश्व ने निंदा की है। अब वक्त आ गया है कि उसे सबक सिखाया जाए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने ठोस कदम उठाए हैं, जैसे- सिंधु जल समझौता को रद्द करना, पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा रद्द कर उन्हें वापस भेजना और भारतीय राजदूतों की वापसी और पाकिस्तान के राजनयिकों को वापस भेजना शामिल है।
अरविंद शर्मा ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने तुरंत घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया, जिससे देश को यह संदेश गया कि सरकार इस गंभीर मसले को हल्के में नहीं ले रही। पूरा देश इस मुद्दे पर एकजुट है। यह सिर्फ एक राजनीतिक या सीमित क्षेत्र का मुद्दा नहीं, बल्कि राष्ट्रीय अस्मिता का सवाल है।
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