रामा ग्रुप संचालक के बंगले में कार घुसाने वाला बैंक मैनेजर गिरफ्तार

छग

Update: 2026-07-18 18:32 GMT
Bilaspur. बिलासपुर। शहर के क्रांतिनगर क्षेत्र में रामा ग्रुप के संचालक के बंगले में तेज रफ्तार कार घुसाने के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए आरोपी बैंक मैनेजर को गिरफ्तार कर लिया है। शुरुआती जांच में इसे सड़क हादसा माना जा रहा था, लेकिन शिकायतकर्ता के बयान और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 109(1) के तहत हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया है। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल कार और मोबाइल फोन जब्त कर आरोपी को
न्यायालय
में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी की पहचान आशीष तिवारी (45 वर्ष), पिता घनश्याम तिवारी, निवासी बद्रीपुर रोड, नेहरूग्राम, आंशिक धर्मपुर, जिला देहरादून (उत्तराखंड) के रूप में हुई है। आरोपी बिलासपुर स्थित एक निजी बैंक में क्लस्टर मैनेजर के पद पर कार्यरत है और पिछले करीब डेढ़ वर्ष से क्रांतिनगर क्षेत्र में किराए के मकान में रह रहा था।
मुख्य गेट तोड़ते हुए बंगले के अंदर घुसी कार
पुलिस के मुताबिक, घटना 17 जुलाई की रात करीब 8 बजे की है। उस समय रामा ग्रुप के संचालक संजय अग्रवाल अपने घर के बरामदे में टहल रहे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार से आई कार क्रमांक एमपी-04-सीएक्स-6273 ने बंगले का मुख्य लोहे का गेट तोड़ दिया और लगभग 30 फीट अंदर तक घुस गई। कार की टक्कर से मुख्य दरवाजा, खिड़कियां और हॉल की दीवार क्षतिग्रस्त हो गई। घर के भीतर लगा मोटा टफन ग्लास पार्टीशन पूरी तरह टूट गया, जबकि लोहे का भारी गेट कई टुकड़ों में बिखर गया। हादसे के समय घर में मौजूद परिवार के सदस्यों ने समय रहते खुद को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा लिया, जिससे बड़ी जनहानि टल गई।
शिकायत के बाद बदला केस का स्वरूप
घटना के तुरंत बाद पुलिस मौके पर पहुंची थी। प्रारंभिक जांच में चालक के शराब के नशे में होने की पुष्टि नहीं हुई थी। शुरुआत में पुलिस इस मामले को सड़क दुर्घटना मानकर जांच कर रही थी, लेकिन शिकायतकर्ता संजय अग्रवाल ने इसे गंभीर बताते हुए हत्या की नीयत से हमला करने का आरोप लगाया। पुलिस ने जब घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया तो पाया कि गली में खड़े अन्य किसी वाहन को नुकसान नहीं पहुंचा था, जबकि कार सीधे बंगले के मुख्य गेट को तोड़ते हुए अंदर घुसी थी। इन तथ्यों के आधार पर पुलिस ने मामले को हत्या के प्रयास के एंगल से जांचना शुरू किया।
पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) पंकज कुमार पटेल, नगर पुलिस अधीक्षक गगन कुमार और तारबाहर थाना प्रभारी रविन्द्र अनंत के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी आशीष तिवारी को गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से घटना में प्रयुक्त कार और एक मोबाइल फोन जब्त किया गया। आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
हर पहलू से जांच जारी
तारबाहर पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है। पुलिस आरोपी की मंशा, घटना के पीछे की वजह और दोनों पक्षों के बीच किसी संभावित विवाद की भी जांच कर रही है। इसके अलावा मेडिकल रिपोर्ट, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी पहलुओं का भी विश्लेषण किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल आरोपी न्यायिक हिरासत में है और मामले की विवेचना जारी है।
Tags:    

Similar News