BIG BREAKING: सूरजकुंड मेले में गेट और झूला गिरा, 8 लोग घायल
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Haryana. हरियाणा। विश्व प्रसिद्ध सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय हस्तशिल्प मेले में शनिवार को बड़ा हादसा हो गया। मेला परिसर में लगा एक झूला अचानक गिर पड़ा, जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई। इस हादसे में करीब 10 लोगों के घायल होने की सूचना है। घायलों को मौके पर मौजूद लोगों और प्रशासन की मदद से तत्काल इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया। घटना के बाद मेले की सुरक्षा व्यवस्था और प्रबंधन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, झूले में हादसे के समय लगभग 15 लोग सवार थे। झूला अचानक असंतुलित होकर गिर गया, जिससे सवार लोग नीचे आ गिरे। हादसे के बाद झूले के आसपास चीख-पुकार मच गई और लोग इधर-उधर भागने लगे। सूचना मिलते ही सुरक्षाकर्मी और प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा और बचाव कार्य शुरू किया गया।
घटना में घायल लोगों की मदद करने वाले राघव ने बताया कि वह सूरजकुंड मेले में ही एक स्टॉल चलाता है। राघव के अनुसार, झूला गिरते ही वह तुरंत लोगों को बाहर निकालने के लिए दौड़ा। इसी दौरान बचाव कार्य करते समय झूले की ग्रिल उसके ऊपर गिर गई, जिससे उसके कंधे में चोट लग गई। राघव ने बताया कि झूले की हालत पहले से ही ठीक नहीं लग रही थी, लेकिन इसके बावजूद लोग उसमें सवार हो रहे थे। हादसे से कुछ घंटे पहले ही मेले के गेट नंबर दो से जुड़ी एक घटना सामने आने की बात भी कही जा रही है, जिससे हरियाणा टूरिज्म और मेला प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल और गहरे हो गए हैं। लगातार हो रही घटनाओं से यह आशंका जताई जा रही है कि मेले में सुरक्षा मानकों का सही ढंग से पालन नहीं किया जा रहा है।
स्थानीय लोगों और मेले में आए पर्यटकों का कहना है कि इतने बड़े और अंतरराष्ट्रीय स्तर के आयोजन में सुरक्षा व्यवस्था का मजबूत होना बेहद जरूरी है। झूलों और अन्य मनोरंजन साधनों की नियमित जांच होनी चाहिए, ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके। हादसे के बाद कई झूलों को अस्थायी रूप से बंद किए जाने की चर्चा भी है। फिलहाल प्रशासन की ओर से घायलों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। कुछ घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है, जबकि कुछ का इलाज जारी है। घटना की जांच के आदेश दिए जाने की संभावना जताई जा रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि झूला गिरने की असली वजह क्या थी और इसके लिए जिम्मेदार कौन है। सूरजकुंड मेला देश-विदेश के पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र माना जाता है। ऐसे में इस तरह की घटनाएं न केवल सुरक्षा पर सवाल उठाती हैं, बल्कि मेले की छवि को भी नुकसान पहुंचाती हैं। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या ठोस कदम उठाता है।