शिमला। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में बुधवार को राजनीतिक प्रदर्शन के दौरान भाजपा और माकपा कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। डीसी ऑफिस के बाहर दोनों दलों के कार्यकर्ताओं के बीच जमकर नारेबाजी हुई, जिसके बाद मामला धक्का-मुक्की तक पहुंच गया। स्थिति बिगड़ती देख मौके पर मौजूद पुलिस जवानों ने हस्तक्षेप कर दोनों पक्षों को अलग किया और हालात को नियंत्रित किया। घटना के दौरान काफी देर तक डीसी ऑफिस परिसर में तनावपूर्ण माहौल बना रहा।
जानकारी के अनुसार, भाजपा कार्यकर्ता कांग्रेस के खिलाफ प्रदर्शन करने के लिए डीसी ऑफिस के बाहर पहुंचे थे। भाजपा का यह प्रदर्शन कांग्रेस नेताओं द्वारा प्रधानमंत्री आवास के बाहर किए गए विरोध प्रदर्शन के खिलाफ था। भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस के प्रदर्शन को लेकर नारेबाजी शुरू की। इसी दौरान माकपा और एसएफआई से जुड़े कार्यकर्ता भी केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए वहां पहुंच गए।
दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे के खिलाफ नारेबाजी शुरू हो गई। देखते ही देखते माहौल गरमा गया और कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। दोनों गुटों के बीच तीखी बहस के बाद धक्का-मुक्की शुरू हो गई। पुलिसकर्मियों ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए दोनों पक्षों को पीछे हटाया और स्थिति को शांत कराया।
भाजपा नेताओं ने इस दौरान कांग्रेस और विपक्षी दलों पर निशाना साधा। भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष बलबीर वर्मा ने कहा कि लोकतंत्र में सभी को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन संवैधानिक संस्थाओं और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े क्षेत्रों में बिना अनुमति प्रदर्शन करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास देश के सबसे संवेदनशील क्षेत्रों में आता है और वहां इस तरह का प्रदर्शन सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से गंभीर विषय है।
उन्होंने कहा कि कानून सभी के लिए समान है और नियमों का पालन करना हर राजनीतिक दल की जिम्मेदारी है। भाजपा के प्रदर्शन में प्रदेश उपाध्यक्ष बलबीर वर्मा के अलावा पूर्व मंत्री सुरेश भारद्वाज, राजीव सहजल, प्रदेश महामंत्री संजीव कटवाल, विनोद कुमार, रश्मिधर सूद, संजय ठाकुर समेत कई नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
वहीं, माकपा और एसएफआई कार्यकर्ता केंद्र सरकार के खिलाफ अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। दोनों संगठनों के कार्यकर्ताओं ने सरकार की नीतियों का विरोध करते हुए नारे लगाए। इसी दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ उनका आमना-सामना हो गया और विवाद बढ़ गया।
घटना के बाद पुलिस ने पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी। अधिकारियों ने बताया कि प्रदर्शन के दौरान किसी बड़ी घटना की सूचना नहीं है। पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाकर शांत कराया और प्रदर्शन स्थल पर स्थिति सामान्य कराई।
इस घटना के बाद शिमला में राजनीतिक माहौल गरमा गया है। भाजपा और माकपा दोनों ही दलों ने अपने-अपने मुद्दों को लेकर प्रदर्शन किया था, लेकिन आमने-सामने आने के कारण स्थिति तनावपूर्ण हो गई। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और कहा है कि किसी भी तरह की कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वाली गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है। प्रदर्शन के दौरान हुए घटनाक्रम और धक्का-मुक्की को लेकर प्रशासन आवश्यक जानकारी जुटा रहा है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।