मंडी। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शनिवार को मंडी जिले के एक दिवसीय दौरे के दौरान 136.25 करोड़ रुपये की लागत वाली 21 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं से बल्ह, नाचन, मंडी सदर और करसोग विधानसभा क्षेत्रों में सड़क, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े विकास कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने बल्ह क्षेत्र के कंसा मैदान में आयोजित कार्यक्रम के दौरान परियोजनाओं को जनता को समर्पित किया।मुख्यमंत्री का कार्यक्रम शनिवार को बल्ह विधानसभा क्षेत्र के कंसा मैदान से शुरू हुआ। यहां उन्होंने विभिन्न विकास कार्यों का उद्घाटन और शिलान्यास करने के बाद जनसभा को संबोधित किया। जिला प्रशासन के अनुसार मुख्यमंत्री दोपहर बाद नेरचौक स्थित श्री लाल बहादुर शास्त्री राजकीय आयुर्विज्ञान महाविद्यालय एवं अस्पताल भी पहुंचे, जहां स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी नई सुविधाओं का शुभारंभ किया गया।
कंसा मैदान में आयोजित कार्यक्रम में जिन परियोजनाओं को जनता को समर्पित किया गया, उनमें सड़क बुनियादी ढांचे से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्य शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने चंड्याल-पिप्ली-कुथवारी-कांडी-तारापुर-खारसी-मनसा माता मंदिर डोला टिक्कर सड़क के निर्माण और सुधार कार्य का उद्घाटन किया। इस परियोजना पर 10.73 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। सड़क के बेहतर होने से क्षेत्र के कई गांवों और धार्मिक स्थलों तक आवाजाही आसान होने की उम्मीद है।इसके अलावा 8.28 करोड़ रुपये की लागत से तैयार सक्रोहा-नैना माता मंदिर-पिप्ली-नडौल-कौसला-मलवाना सड़क का भी उद्घाटन किया गया। यह सड़क क्षेत्र में आवागमन की सुविधा बढ़ाने के साथ स्थानीय लोगों को प्रमुख मार्गों से जोड़ने में मदद करेगी। मुख्यमंत्री ने 5.11 करोड़ रुपये की लागत से लखवन-दहानू-भानशोट-राठोल-अंड्रेटा-मेरामसिट सड़क पर पक्की सड़क बनाने और तारकोल बिछाने के कार्य को भी जनता को समर्पित किया।
राज्य सरकार की ओर से सड़क संपर्क को ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों के विकास से जोड़ा जा रहा है। बेहतर सड़कें होने से लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य, बाजार और अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंचने में सुविधा मिलती है। इसके साथ ही किसानों और स्थानीय कारोबारियों के लिए भी अपने उत्पादों को बाजार तक पहुंचाना आसान होता है।मुख्यमंत्री के मंडी दौरे में केवल सड़क परियोजनाओं पर ही फोकस नहीं रहा। नेरचौक स्थित मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए भी कई कदम उठाए गए। मुख्यमंत्री ने वहां 3-टेस्ला MRI मशीन और टर्शरी केयर कैंसर सेंटर का शुभारंभ किया। इसके अलावा PET-CT स्कैन मशीन के लिए आवश्यक अधोसंरचना विकास कार्य का शिलान्यास किया गया।
3-टेस्ला MRI मशीन शुरू होने से मरीजों को आधुनिक जांच सुविधा उपलब्ध होगी। वहीं टर्शरी केयर कैंसर सेंटर के जरिए गंभीर बीमारियों के उपचार और देखभाल से संबंधित सेवाओं को मजबूत करने का प्रयास किया गया है। PET-CT स्कैन सुविधा के लिए अधोसंरचना तैयार होने के बाद कैंसर समेत अन्य गंभीर बीमारियों की जांच और उपचार व्यवस्था को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।मुख्यमंत्री ने मेडिकल कॉलेज के फैकल्टी सदस्यों के साथ भी संवाद किया। इस दौरान स्वास्थ्य संस्थान से जुड़े विषयों और चिकित्सा सेवाओं को लेकर जानकारी ली गई। सरकार की ओर से मेडिकल कॉलेजों में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं को बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
मंडी जिले में मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर स्थानीय स्तर पर पहले से तैयारियां की जा रही थीं। जिला प्रशासन ने कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर आवश्यक इंतजाम किए थे। मुख्यमंत्री के कंसा मैदान पहुंचने का कार्यक्रम सुबह करीब 11:45 बजे निर्धारित था, जिसके बाद उद्घाटन और शिलान्यास कार्यक्रम तथा जनसभा आयोजित की गई।बल्ह क्षेत्र में मुख्यमंत्री के दौरे से पहले स्थानीय स्तर पर विभिन्न विकास संबंधी मांगें भी सामने आई थीं। स्थानीय किसान संगठनों और जनप्रतिनिधियों ने क्षेत्र में सड़क, जल शक्ति, बिजली, स्वास्थ्य और अन्य सुविधाओं से जुड़े मुद्दे मुख्यमंत्री के सामने रखने की तैयारी की थी। इनमें प्रशासनिक और पुलिस सुविधाओं को मजबूत करने जैसी मांगें भी शामिल थीं।
मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान 21 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किए जाने को क्षेत्र के बुनियादी ढांचे के विस्तार से जोड़कर देखा जा रहा है। 136.25 करोड़ रुपये की कुल लागत वाली इन परियोजनाओं में अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों से जुड़े कार्य शामिल हैं। सरकार के अनुसार इन परियोजनाओं के पूरा होने से स्थानीय स्तर पर सुविधाओं में सुधार होगा।सड़क परियोजनाओं की बात करें तो पहाड़ी क्षेत्रों में बेहतर संपर्क व्यवस्था लोगों के दैनिक जीवन के लिए महत्वपूर्ण है। बरसात और अन्य मौसम में सड़कें प्रभावित होने की स्थिति में पक्की और बेहतर सड़कें आवागमन को बनाए रखने में मदद करती हैं। इसके अलावा सड़क नेटवर्क मजबूत होने से ग्रामीण क्षेत्रों को जिला मुख्यालयों और प्रमुख बाजारों से जोड़ने में भी सुविधा होती है।
मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में बल्ह के साथ नाचन, मंडी सदर और करसोग विधानसभा क्षेत्रों से जुड़ी परियोजनाएं भी शामिल रहीं। इससे जिले के अलग-अलग हिस्सों में चल रहे विकास कार्यों को एक साथ आगे बढ़ाने का संदेश गया।सरकार पहले भी मंडी जिले के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में सड़क, पुल, स्वास्थ्य, पेयजल और शिक्षा से संबंधित परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करती रही है। अगस्त 2025 में भी मुख्यमंत्री ने मंडी जिले के सरकाघाट, सराज, द्रंग और धर्मपुर क्षेत्रों के लिए 216 करोड़ रुपये की 33 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया था।
शनिवार के दौरे में मुख्यमंत्री ने विकास परियोजनाओं के साथ स्वास्थ्य सुविधाओं को भी प्राथमिकता दी। नेरचौक मेडिकल कॉलेज में MRI, कैंसर सेंटर और PET-CT से संबंधित अधोसंरचना की पहल को स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम के तौर पर देखा जा रहा है।मुख्यमंत्री ने अपने मंडी प्रवास के दौरान क्षेत्र के लोगों से जुड़ी विकास आवश्यकताओं पर भी ध्यान दिया। राज्य सरकार का कहना है कि विकास परियोजनाओं का उद्देश्य ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना है।
136.25 करोड़ रुपये की 21 परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास के साथ मंडी जिले में सड़क और अन्य बुनियादी ढांचे से जुड़े कई कार्यों को आगे बढ़ाया गया है। वहीं नेरचौक मेडिकल कॉलेज में नई चिकित्सा सुविधाओं की शुरुआत से स्वास्थ्य क्षेत्र में भी सुविधाओं के विस्तार की प्रक्रिया आगे बढ़ी है।मुख्यमंत्री का यह एक दिवसीय दौरा विकास परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास के साथ समाप्त हुआ। कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री शिमला के लिए रवाना हुए।