Patna. पटना। बिहार की राजनीति इस समय गरमा गई है। राजधानी पटना के गांधी मैदान थाना में कांग्रेस नेता और सांसद राहुल गांधी के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है। आरोप है कि राहुल गांधी ने बिहार के दरभंगा में आयोजित कांग्रेस की "वोट अधिकार यात्रा" के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी मां को लेकर अशोभनीय टिप्पणी की। इस मामले में पटना पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
दरभंगा की सभा से शुरू हुआ विवाद
दरअसल, राहुल गांधी इन दिनों कांग्रेस की "वोट अधिकार यात्रा" के तहत बिहार दौरे पर हैं। इसी क्रम में दरभंगा में आयोजित सभा के दौरान राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखे हमले किए। भाजपा का आरोप है कि इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री और उनकी मां के खिलाफ भी अमर्यादित शब्दों का प्रयोग किया। सोशल मीडिया पर इस भाषण के अंश वायरल होने के बाद विवाद और गहराता चला गया।
शिकायतकर्ता ने पटना के गांधी मैदान थाना में आवेदन देते हुए कहा, “आज दरभंगा की सभा में प्रधानमंत्री मोदी की मां के खिलाफ जिस तरह से अपशब्द कहे गए, वह बेहद अशोभनीय और असहनीय है। एक सार्वजनिक मंच से इस तरह का बयान न केवल संवैधानिक पद की गरिमा को ठेस पहुंचाता है, बल्कि समाज में गलत संदेश भी देता है।” इसी आधार पर राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज की गई।
बीजेपी का मोर्चा
इस विवाद को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर जमकर हमला बोला है। पटना में पार्टी के पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने कोतवाली थाने पहुंचकर प्राथमिकी दर्ज कराई। इस प्रतिनिधिमंडल में पार्टी प्रवक्ता प्रेम रंजन पटेल, प्रदेश उपाध्यक्ष अनामिका पासवान, मीडिया प्रभारी दानिश इकबाल और मीडिया सह प्रभारी प्रभात मालाकार शामिल थे। भाजपा नेताओं ने राहुल गांधी के बयान को लोकतंत्र और राजनीति की गरिमा पर हमला बताते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
बीजेपी प्रवक्ता प्रेम रंजन पटेल ने कहा, “प्रधानमंत्री देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर आसीन हैं। उनके खिलाफ इस तरह की भाषा का इस्तेमाल निंदनीय है। राहुल गांधी का यह बयान कांग्रेस पार्टी की हताशा को दर्शाता है। हम इसकी कड़ी निंदा करते हैं और पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष कार्रवाई की मांग करते हैं।”
कांग्रेस की सफाई
इधर, कांग्रेस ने इस मामले में सफाई देते हुए कहा है कि राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ कोई अमर्यादित टिप्पणी नहीं की, बल्कि उन्होंने सिर्फ नीतियों और कार्यशैली की आलोचना की थी। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि भाजपा राजनीतिक लाभ लेने के लिए बयान को तोड़-मरोड़कर पेश कर रही है। पार्टी का दावा है कि राहुल गांधी की टिप्पणी को गलत संदर्भ में दिखाया जा रहा है और इससे उनके अभियान को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है।
पुलिस की कार्रवाई
पटना पुलिस ने इस मामले में शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कोतवाली थाना प्रभारी ने बताया कि FIR दर्ज होने के बाद संबंधित वीडियो फुटेज और भाषण के तथ्यों की जांच की जाएगी। साथ ही, राहुल गांधी के बयान की प्रमाणिकता और सटीक शब्दों की जांच करने के लिए मीडिया क्लिपिंग और स्थानीय गवाहों के बयान भी जुटाए जाएंगे।
सियासी बयानबाजी तेज
इस पूरे विवाद के बाद बिहार की सियासत में बयानबाजी और तेज हो गई है। भाजपा नेताओं ने कहा है कि कांग्रेस नेता चुनावी माहौल में मुद्दों से भटकाने और जनता को गुमराह करने के लिए इस तरह की भाषा का सहारा ले रहे हैं। वहीं कांग्रेस नेताओं का कहना है कि भाजपा डर और दमन की राजनीति कर रही है और विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि चुनावी वर्ष में इस तरह के बयानों का असर राज्य की राजनीति पर गहरा पड़ सकता है। जहां भाजपा इसे अपने पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश कर रही है, वहीं कांग्रेस इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के मुद्दे से जोड़कर पेश कर रही है।
जनता की प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया पर भी यह मामला खूब चर्चा में है। एक वर्ग का कहना है कि नेताओं को सार्वजनिक मंच से मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए, वहीं दूसरा वर्ग इसे राजनीतिक हथकंडा बता रहा है। आम जनता का मानना है कि इस तरह की बयानबाजी से असली मुद्दे पीछे छूट जाते हैं और राजनीतिक दल केवल आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति में उलझ जाते हैं।
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