एशिया की सबसे उम्रदराज हथिनी की मौत

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Update: 2025-07-09 01:15 GMT

एमपी। एशिया की सबसे उम्रदराज मानी जाने वाली हथिनी वत्सला की मंगलवार दोपहर मौत हो गई. मध्य प्रदेश के पन्ना टाइगर रिजर्व के हिनौता रेंज स्थित हाथी कैंप में उसने अंतिम सांस ली. वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, वत्सला की उम्र 100 वर्ष से अधिक थी और वह लंबे समय से पन्ना के जंगलों की पहचान रही थी.

दरअसल, हाल के दिनों में वत्सला के आगे के पैरों के नाखूनों में चोट लग गई थी. मंगलवार सुबह वह हिनौता क्षेत्र के खैरैयां नाले के पास बैठ गई और तमाम कोशिशों के बावजूद उठ नहीं सकी. वन विभाग के कर्मचारियों ने उसे उठाने की हर संभव कोशिश की, लेकिन दोपहर करीब 1:30 बजे उसने अंतिम सांस ली.

वत्सला को वर्ष 1971 में केरल के नीलांबुर जंगल से मध्य प्रदेश लाया गया था. पहले उसे नर्मदापुरम में रखा गया और बाद में पन्ना टाइगर रिजर्व में शिफ्ट कर दिया गया, जहां वह जीवन के अंतिम क्षण तक रही. उसे प्रतिदिन खैरैयां नाले पर नहलाया जाता था और दलिया आदि नरम भोजन दिया जाता था. उम्र बढ़ने के कारण वह देख नहीं पाती थी और लंबी दूरी भी तय नहीं कर पाती थी.

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