जेल में प्रज्वल रेवन्ना के मोबाइल से आपत्तिजनक वीडियो मिलने का दावा, जेल में फोन की ब्लैक मार्केट भी सामने आई
पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना एक बार फिर चर्चा में हैं.
नई दिल्ली: बेंगलुरु की परप्पना अग्रहारा सेंट्रल जेल में बंद पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना एक बार फिर चर्चा में हैं। फोरेंसिक जांच से जुड़ी जानकारी के मुताबिक, उनके पास से जब्त मोबाइल फोन में कई आपत्तिजनक वीडियो मिले हैं। वहीं, पेन ड्राइव की जांच में वेब सीरीज मिलने की बात सामने आई है। यह जानकारी शनिवार को मोबाइल और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फोरेंसिक जांच के बाद सामने आई।
क्राइम ब्रांच ने 11 अगस्त को जेल में छापा मारा था। इस दौरान प्रज्वल रेवन्ना को कथित तौर पर अपनी बैरक में मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए पकड़ा गया। अधिकारियों ने कार्रवाई के दौरान मोबाइल फोन, चार्जर, पेन ड्राइव और एक नोटबुक जब्त की थी। इसके बाद इन उपकरणों को जांच के लिए भेजा गया। प्रज्वल रेवन्ना JDS विधायक एचडी रेवन्ना के बेटे और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा के पोते हैं। वह एक महिला से जुड़े रेप मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे हैं।
जेल में मोबाइल कैसे पहुंच रहा है?
इस मामले की जांच के दौरान जेल के भीतर मोबाइल फोन की कथित अवैध सप्लाई का नेटवर्क भी सामने आया है। जांच एजेंसियों के मुताबिक, बाहर करीब 10 हजार रुपए में मिलने वाला मोबाइल जेल के अंदर 75 हजार से लेकर 2 लाख रुपए तक में बेचा जाता था। पुलिस को शक है कि जेल के कुछ कर्मचारियों की भूमिका भी मोबाइल फोन अंदर पहुंचाने में हो सकती है। जेल अधिकारियों के मुताबिक, पिछले करीब आठ महीनों में परप्पना अग्रहारा जेल से 300 से ज्यादा मोबाइल फोन जब्त किए जा चुके हैं।
जेल में मोबाइल के इस्तेमाल को रोकने के लिए लगा जैमर सिस्टम भी सवालों के घेरे में है। अधिकारियों के अनुसार, यहां करीब 15 साल पुरानी 2G तकनीक का जैमर सिस्टम है, जबकि बाहर 5G नेटवर्क उपलब्ध है। इसी तकनीकी अंतर का फायदा उठाकर कैदियों द्वारा मोबाइल और डेटा कॉल इस्तेमाल किए जाने की आशंका जताई गई है।
जांच में बरामद कई SIM कार्ड के आंध्र प्रदेश में एक्टिवेट होने का पैटर्न भी सामने आने की बात कही गई है। एक मामले में पुलिस ने आरोप लगाया कि SIM कार्ड को कार्बन पेपर में लपेटकर और टेप से सील कर कैदी के जरिए जेल के अंदर पहुंचाया गया।
प्रज्वल तक मोबाइल पहुंचाने के मामले में 9 गिरफ्तार
पुलिस ने जेल के अंदर मोबाइल फोन और SIM कार्ड पहुंचाने से जुड़े तीन मामलों में शुक्रवार को 9 लोगों को गिरफ्तार किया था। जांच के अनुसार, कुछ मोबाइल फोन जेल वार्डर और SIM कार्ड अंडरट्रायल कैदी के माध्यम से अंदर पहुंचाए गए।
एक मामले में जेल वार्डर श्रीनिवास नाइक पर करीब 12 मोबाइल फोन अवैध तरीके से जेल के अंदर पहुंचाने का आरोप है। वहीं, दूसरे मामले में चीफ वार्डन विजय कुमार की कथित भूमिका की जांच की जा रही है।
जेल में मोबाइल, पेन ड्राइव या प्रतिबंधित सामान मिलने पर कैदी के खिलाफ जेल नियमों के तहत कार्रवाई हो सकती है। उसकी सुविधाओं में कटौती, अलग सेल में रखना या नए मामले में कानूनी कार्रवाई जैसी स्थिति भी बन सकती है।
2024 में सामने आया था प्रज्वल का मामला
प्रज्वल रेवन्ना के खिलाफ यौन अपराधों से जुड़े आरोप अप्रैल 2024 में सामने आए थे। उनके परिवार के फार्महाउस में काम करने वाली एक महिला ने FIR दर्ज कराते हुए आरोप लगाया था कि प्रज्वल ने उसके साथ कई बार यौन अपराध किया।
महिला ने यह भी आरोप लगाया था कि उसे घटना के बारे में किसी को बताने पर वीडियो सार्वजनिक करने की धमकी दी गई। इसके बाद प्रज्वल के खिलाफ जांच शुरू हुई और उनके कथित आपत्तिजनक वीडियो सामने आने के बाद मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आ गया।
उस समय प्रज्वल 2024 के लोकसभा चुनाव में हासन सीट से JDS उम्मीदवार थे। आरोप सामने आने के बाद वह विदेश चले गए थे। 31 मई 2024 को जर्मनी से भारत लौटने पर उन्हें बेंगलुरु एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया।
बाद में उनके खिलाफ कई मामले दर्ज हुए और JDS ने उन्हें पार्टी से निलंबित कर दिया। अब जेल में मोबाइल इस्तेमाल करने और प्रतिबंधित इलेक्ट्रॉनिक सामान रखने का मामला उनके लिए एक नई कानूनी मुश्किल बन गया है।