Hamirpur. हमीरपुर। पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं हमीरपुर संसदीय क्षेत्र से सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने मंगलवार को लोकसभा में पौध किस्म एवं कृषक अधिकार संरक्षण अधिनियम (पीपीवी एंड एफआर) के तहत किसानों के अधिकारों, पारंपरिक बीजों के संरक्षण, बीज अनुसंधान तथा हिमाचल प्रदेश में कृषि विज्ञान केंद्रों की कार्यप्रणाली से जुड़े महत्त्वपूर्ण मुद्दे उठाए। उन्होंने केंद्र सरकार से किसानों के लिए चलाए जा रहे जागरूकता कार्यक्रमों, पौध किस्मों के पंजीकरण, बीज अनुसंधान, कृषि विज्ञान केंद्रों की गतिविधियों तथा इन योजनाओं के लिए उपलब्ध कराए गए वित्तीय प्रावधानों की विस्तृत जानकारी मांगी। सरकार ने अपने उत्तर में बताया कि पीपीवी एंड एफआर प्राधिकरण ने पालमपुर में अपनी शाखा स्थापित की है।
पिछले तीन वर्षों के दौरान प्रदेशभर में किसानों के लिए जागरूकता कार्यक्रम, मेले, प्रदर्शनी तथा पौध किस्मों के पंजीकरण से संबंधित अनेक गतिविधियों का आयोजन किया गया। इस अवधि में हिमाचल प्रदेश की 31 पौध एवं बीज किस्मों का पंजीकरण भी किया गया है। सरकार ने बताया कि तीन वर्षों में हिमाचल प्रदेश में पीपीवी एंड एफआर संबंधी गतिविधियों के लिए 2.94 करोड़ रुपए, आईसीएआर के बीज अनुसंधान कार्यक्रमों के लिए 5.31 करोड़ रुपये तथा कृषि विज्ञान केंद्रों की गतिविधियों के लिए 10.33 करोड़ रुपए जारी किए गए। इस प्रकार किसानों के अधिकारों की सुरक्षा, बीज अनुसंधान और कृषि विज्ञान केंद्रों को सशक्त बनाने के लिए कुल 18.58 करोड़ रुपए उपलब्ध कराए गए हैं।