Patlikuhal. पतलीकूहल। जाजूराणा फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी ने जैविक खेती को बढ़ावा देने और बागबानी क्षेत्र में परागण के लिए महत्वपूर्ण मधुमक्खियों सहित अन्य हितैषी कीटों के संरक्षण की दिशा में सराहनीय पहल की है। कंपनी की ओर से आयोजित वार्षिक समारोह के दौरान उपस्थित सदस्यों और आमंत्रित मेहमानों को विभिन्न किस्म के औषधीय पौधों का वितरण किया गया। कटराईं स्थित होटल शुभम में आयोजित इस कार्यक्रम में करीब 200 लोगों ने भाग लिया। इस दौरान कंपनी की ओर से बागबानों को पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता और जैविक खेती के महत्व के बारे में जागरूक किया गया।
कार्यक्रम में विशेष रूप से पहाड़ी मधुमक्खियों के संरक्षण और उन्हें बागानों की ओर आकर्षित करने के लिए औषधीय एवं फूलदार पौधों के महत्व पर चर्चा की गई। जुजुराणा फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी के निदेशक मंडल के सदस्य महेंद्र उपाध्याय ने बताया कि बदलते जलवायु चक्र और जैव विविधता में हो रहे बदलावों को देखते हुए अब बागवानी के पारंपरिक तौर.तरीकों में बदलाव की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि कुछ दशक पहले तक औषधीय और फूलदार पौधे ग्रामीण जीवन का अभिन्न हिस्सा हुआ करते थे, लेकिन समय के साथ लोगों ने अपने आसपास से ऐसे पौधों को हटाना शुरू कर दिया। इसका सीधा असर जैव विविधता और परागण प्रक्रिया पर पड़ा। उन्होंने कहा कि फसलों के परागण में मधुमक्खियों और अन्य हितैषी कीटों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।